
स्वीकृत राशि, मापी पुस्तिका (एमबी) और निर्माण कार्य की स्थिति का सत्यापन कराने की उठी मांग
पाकुड़ ब्यूरो जितेन्द्र यादव की रिपोर्ट
महेशपुर (पाकुड़)। पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड अंतर्गत आसकंधा पंचायत में नाली मरम्मत कार्य पर 4,99,800 रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद योजना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सरकारी राशि से कराए गए इस कार्य की वास्तविक स्थिति, गुणवत्ता और खर्च के अनुरूप हुए काम का सत्यापन कराने की मांग उठ रही है।
मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि नाली मरम्मत कार्य के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई थी और मौके पर वास्तव में कितना काम कराया गया है। क्या मरम्मत कार्य निर्धारित प्राक्कलन और तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा किया गया? क्या इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है? इन सवालों का जवाब संबंधित अभिलेखों और स्थल निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
एमबी और भुगतान विवरण की जांच जरूरी
योजना में खर्च की गई राशि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए स्वीकृति आदेश, प्राक्कलन, मापी पुस्तिका (एमबी), बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और कार्य पूर्णता से संबंधित अभिलेखों की जांच आवश्यक है। साथ ही, संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण कर नाली मरम्मत की वर्तमान स्थिति और कार्य की गुणवत्ता का तकनीकी सत्यापन किया जाना चाहिए।
यदि अभिलेखों और मौके पर किए गए कार्य के बीच कोई अंतर सामने आता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी वित्तीय अनियमितता या सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि नहीं हुई है।
संबंधित विभाग की भूमिका पर नजर
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और पंचायत स्तर के जिम्मेदार अधिकारी इस योजना के संबंध में क्या जानकारी देते हैं। योजना की स्वीकृत राशि, कार्य कराने वाली एजेंसी, भुगतान की स्थिति और गुणवत्ता जांच से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होने पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जनहित में सवाल: आसकंधा पंचायत में नाली मरम्मत कार्य पर खर्च किए गए 4,99,800 रुपये का तकनीकी और वित्तीय सत्यापन कब कराया जाएगा? क्या संबंधित विभाग योजना के अभिलेखों और धरातल पर हुए कार्य का मिलान कराकर स्थिति स्पष्ट करेगा?
फिलहाल, संबंधित विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
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