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सिमडेगा के आम पहुंचे लंदन, झारखंड ने रचा निर्यात का इतिहास

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Khabar365news

रांची/सिमडेगा: झारखंड के सुदूरवर्ती सिमडेगा जिले ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक खेप यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना की गई है। इसे मुख्यमंत्री Hemant Soren की दूरदर्शी सोच और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

कोरोना काल में बोया गया बीज, अब मिला मीठा फल

कोरोना महामारी के दौरान रोजगार संकट से जूझ रहे ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बिरसा हरित ग्राम योजना की शुरुआत की थी। वर्ष 2019-20 से 2024-25 के बीच सिमडेगा जिले के 12 हजार से अधिक किसानों ने करीब 10,500 एकड़ भूमि पर आम्रपाली, मल्लिका और लंगड़ा आम की बागवानी की। आज उन्हीं बागानों का फल अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच गया है।

मार्केट लिंकेज से बदली तस्वीर

पिछले वर्ष बंपर उत्पादन के बावजूद किसानों को उचित बाजार नहीं मिल पाया था। इस बार जिला प्रशासन ने लगातार बायर्स-सेलर्स मीट आयोजित कर किसानों को बड़े बाजारों से जोड़ा। Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority के तकनीकी सहयोग से आमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया। निर्यात के लिए जरूरी फाइटोसैनिटरी मानकों को पूरा करने हेतु महिला किसानों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल

सिमडेगा जिले में 7,500 से अधिक सखी मंडल सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 93 हजार महिलाएं जुड़ी हुई हैं। आम उत्पादन और विपणन की इस प्रक्रिया में महिलाओं की अहम भूमिका रही है। शुरुआती चरण में 6 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के 300 किसान इस निर्यात श्रृंखला से जुड़े हैं। पहली अंतरराष्ट्रीय खेप भेजने में महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

81 टन आम बेचने का लक्ष्य

सिमडेगा प्रशासन ने इस सीजन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कुल 81 टन आम विक्रय का लक्ष्य रखा है। जल्द ही आम की एक और खेप ब्रिटेन और दूसरी यूरोप भेजी जाएगी। इसके साथ ही घरेलू बाजार में रिलायंस मार्ट के साथ भी सफल व्यावसायिक जुड़ाव स्थापित किया गया है। भविष्य में रागी और इमली के निर्यात की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

2.15 लाख परिवारों को मिला रोजगार

बिरसा हरित ग्राम योजना का प्रभाव केवल सिमडेगा तक सीमित नहीं है। पूरे झारखंड में अब तक 1.86 लाख एकड़ भूमि पर बागवानी आधारित वृक्षारोपण किया जा चुका है, जिससे 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को आजीविका का स्थायी साधन मिला है। राज्य सरकार के अनुसार 52 हजार एकड़ क्षेत्र अब पूर्ण रूप से फल उत्पादन के लिए तैयार हो चुका है और इस वर्ष लगभग 50 हजार मीट्रिक टन फल उत्पादन का अनुमान है।

सिमडेगा से लंदन पहुंची आम्रपाली आम की पहली खेप केवल एक निर्यात उपलब्धि नहीं, बल्कि झारखंड के किसानों, महिला समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बदलते स्वरूप की एक प्रेरणादायक कहानी बन गई है। यह सफलता राज्य को आने वाले वर्षों में फलों के निर्यात के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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