पाकुड़। जिले के एक गांव में आज भी ग्रामीणों को नदी पार करने के लिए बांस से बनी पुलिया का सहारा लेना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने से यह रास्ता ग्रामीणों के लिए और भी जोखिम भरा हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव को मुख्य सड़क और आसपास के इलाकों से जोड़ने के लिए अब तक स्थायी पुल या बेहतर रास्ते की व्यवस्था नहीं हो सकी है। रोजमर्रा के काम, स्कूल, बाजार और जरूरी सेवाओं के लिए लोगों को इसी अस्थायी पुलिया से नदी पार करनी पड़ती है।
सबसे बड़ी परेशानी बारिश के मौसम में होती है। तेज बहाव के बीच बांस की पुलिया से आवागमन करना ग्रामीणों के लिए चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से स्थायी पुल निर्माण की मांग की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मजबूत और सुरक्षित पुल निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्थायी पुल बनने से गांव के लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार जैसी जरूरी सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से विकास कार्यों की उम्मीद लगाए बैठे इस गांव की समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। अब लोगों ने प्रशासन से इस मामले में ठोस पहल करने की मांग की है।
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लहाल बांस की पुलिया के सहारे नदी पार करने की मजबूरी ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द संज्ञान लेकर इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा।
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