पाकुड़ ब्यूरो जितेन्द्र यादव की रिपोर्ट
पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत हाथीगढ़ गांव में निर्माणाधीन पुलिया को लेकर निर्माण की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों के अनुपालन एवं विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता तथा स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप कार्य कराए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आरोप है कि यदि निर्माण में निर्धारित मानकों से कम गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, तो इससे भविष्य में पुलिया की मजबूती एवं टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है। मामले में सबसे गंभीर सवाल सरकारी राशि के उपयोग और उसकी निगरानी को लेकर है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस योजना पर सार्वजनिक धन खर्च किया जा रहा है, वहां निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निरीक्षण एवं तकनीकी जांच कितनी प्रभावी ढंग से की जा रही है यह स्पष्ट होना चाहिए वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य से संबंधित खबर प्रकाशित नहीं करने के लिए ₹15,000 के कथित ‘मैनेज’ किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि इस संबंध में किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए उक्त दावे की सत्यता जांच का विषय है और संबंधित पक्ष का बयान लिया जाना आवश्यक है ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन एवं संबंधित विभाग द्वारा मौके पर स्थल निरीक्षण कर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता स्वीकृत प्राक्कलन मापी पुस्तिका कार्य की मात्रा तकनीकी स्वीकृति तथा विभागीय अभियंता द्वारा किए गए निरीक्षण की जांच कराई जाए ग्रामीणों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं प्राक्कलन के अनुरूप कराया जा रहा है अथवा इसमें किसी प्रकार की अनियमितता हुई है लिट्टीपाड़ा क्षेत्र में सड़क, पुल एवं पुलिया जैसी आधारभूत संरचनाएं ग्रामीणों के आवागमन और सुरक्षा से सीधे जुड़ी हैं।
ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों को नजरअंदाज करने के बजाय निष्पक्ष तकनीकी जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करना विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि संबंधित विभाग इन आरोपों पर संज्ञान लेकर निर्माण स्थल की जांच कराएगा या नहीं, और यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाएगी।
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