
रोहित उरांव द्वारा किस्को एवं भंडरा प्रखंड में ग्रामीणों के बीच कर्मा पर्व के शुभअवसर पर पारम्परिक वाद्ययंत्र मांदर का वितरण किया गया।
लोहरदगा से सद्दाम खान की रिपोर्ट
आदिवासी समाज के सबसे बड़े लोकपर्व कर्मा पर्व के शुभ अवसर पर समाजसेवी सह कांग्रेस नेता रोहित उरांव द्वारा किस्को और भंडरा प्रखंड के विभिन्न गांवों में पारंपरिक वाद्ययंत्र मांदर का उपहार के रूप वितरण किया गया।मौके पर रोहित उरांव ने कहा कि कर्मा पर्व भाई-बहन के प्रेम और प्रकृति की पूजा का प्रतीक है, ऐसे अवसर पर समाज में एकजुटता और खुशी लाता है,हमें अपनी परंपरा संस्कृति को संजो के रखना चाहिए,इस पहल का उद्देश्य विलुप्त होती लोक वाद्य परंपरा को पुनर्जीवित करना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है।
उन्होंने कहा, “आज के आधुनिक युग में डीजे और इलेक्ट्रॉनिक संगीत के कारण हमारे पारंपरिक वाद्ययंत्र पीछे छूटते जा रहे हैं। पर्व-त्योहार ही वह समय होता है जब हमारी संस्कृति जीवंत होती है। इसलिए हमने तय किया कि इसी शुभ अवसर पर उन कलाकारों का सम्मान किया जाए जो आज भी अपनी कला को जिंदा रखे हुए हैं।वितरण समारोह में लाभ पाने वाले बुजुर्ग मनोज उरांव ने भावुक होते हुए कहा, “हमारे पास वाद्ययंत्र पुराने होकर टूट गए थे, नए खरीदने के पैसे नहीं थे।
इस मदद से हम फिर से अपने अखाड़ा में गीत-संगीत शुरू कर पाएंगे और बच्चों को भी सिखा पाएंगे। मांदर वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला समिति की सदस्य और युवा शामिल हुए। सभी ने मिलकर पारंपरिक करमा गीतों पर नृत्य किया और एक-दूसरे को कर्मा पर्व की शुभकामनाएं दीं।इस तरह के सामाजिक कार्य की ग्रामीणों ने सराहना की।इस मौक़े पर विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल, विशाल डुंगडुंग, असलम अंसारी, शशिकांत उराँव, सुरेंद्र लकड़ा, बंधन उराँव, बिरजू भगत, लालदेव उराँव, मनोज उराँव, सुखमनी लकड़ा, अनमोल भगत, जगदीश उराँव, राजेश उरांव, उमेश उराँव, बिरसू उराँव, चन्द्र उराँव , विजय उराँव, रंजन उराँव, हरिदास उराँव, बुधराम उराँव, दयानंद उराँव , फागू उराँव, सोमनाथ उराँव, आदि उपस्थित थे।
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