बोकारो: झारखंड के बोकारो स्थित वेदांता इलेक्ट्रोस्टील (ESL) प्लांट में गैस हादसे में इंजीनियर सोहन महतो की मौत के बाद आखिरकार उनके परिजनों को मुआवजा और नौकरी देने पर सहमति बन गई है। करीब 24 घंटे तक चली वार्ता के बाद कंपनी प्रबंधन और पीड़ित परिवार की ओर से बातचीत कर रहे प्रतिनिधियों के बीच लिखित समझौता हुआ। समझौते के अनुसार, परिवार को कुल 60 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, रविवार को प्लांट में गैस की चपेट में आने से सोहन महतो और समीर अंसारी की मौत हो गई थी। सोहन महतो गोमिया विधानसभा क्षेत्र के तिलैया निवासी थे। घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। उचित मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर कंपनी के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया गया और गेट जाम कर दिया गया।
परिजनों ने वार्ता की जिम्मेदारी विधायक डॉ. जयराम महतो और JLKM के प्रतिनिधियों को सौंपी। इसके बाद कंपनी प्रबंधन के साथ लगातार बातचीत हुई। लगभग 24 घंटे की वार्ता के बाद सुबह 6:30 बजे समझौते पर सहमति बनी।
समझौते के मुताबिक, सोहन महतो के परिवार को कुल 60 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसमें दाह-संस्कार के लिए तत्काल दो लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि शेष 58 लाख रुपये तीन महीने के भीतर परिवार के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। इसके अतिरिक्त परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर भी सहमति बनी है।
गौरतलब है कि रविवार सुबह वेदांता ESL स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस-1 में ड्यूटी के दौरान गैस की चपेट में आने से दो कर्मियों की मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान सोहन महतो और धनबाद निवासी समीर अंसारी के रूप में हुई है। दोनों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस और संबंधित विभागों ने जांच शुरू की। हादसे के कारणों और गैस के संपर्क में आने की परिस्थितियों का पता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। कंपनी प्रबंधन ने भी घटना की स्वतंत्र जांच कराने और निष्कर्षों के आधार पर उचित कदम उठाने की बात कही है।
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