
हजारीबाग। गिद्दी थाना क्षेत्र में सीसीएल कर्मी मंगलश पाल उर्फ हैप्पी की निर्मम हत्या के मामले में हजारीबाग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर कांड का खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस सनसनीखेज हत्याकांड के उद्भेदन में गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन की सक्रिय भूमिका, तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा सराहनीय रही। घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 5:30 बजे ग्रामीणों से सूचना मिली कि गिद्दी ए मेन गेट स्थित सीसीएल कर्मी के घर में अज्ञात अपराधियों ने लूटपाट के दौरान उनकी पत्नी के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए तथा धारदार हथियार से मंगलश पाल उर्फ हैप्पी की निर्मम हत्या कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग के निर्देश पर बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन सहित गठित टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सघन जांच की। एफएसएल, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों और डॉग स्क्वॉड की मदद से वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुरागों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इसी क्रम में मृतक की पत्नी सोनाली कुमारी उर्फ नीतू से पूछताछ की गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की साजिश का खुलासा करने का दावा किया।
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी सोनाली कुमारी, उसके कथित प्रेमी कौशिक कुमार नौनीया तथा एक नाबालिग सहयोगी की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था। मामले में मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है।
जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कथित धारदार दाउली और चाकू, खून लगा पोछा, खून लगे कपड़े, चप्पल, दो मोबाइल फोन तथा जले हुए मोबाइल के अवशेष समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर सीसीएल की नौकरी और विवाह से जुड़ी मंशा को लेकर साजिश रची थी। इस मामले में गिद्दी थाना कांड संख्या 35/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 61(2), 238 एवं 3(5) में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम में गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन की तत्परता, जांच में सक्रिय भागीदारी और विशेष जांच दल के साथ समन्वय उल्लेखनीय रहा। गंभीर आपराधिक मामलों में शुरुआती कार्रवाई, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाना और जांच को सही दिशा में आगे बढ़ाना पुलिस की कार्यकुशलता के महत्वपूर्ण पहलू हैं। महज 24 घंटे के भीतर मामले का उद्भेदन पुलिस टीम की सक्रियता और गंभीरता को दर्शाता है।
इस सफल कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में पुलिस अवर निरीक्षक मोहम्मद शाहिद रजा, गिद्दी थाना प्रभारी इकबाल हुसैन, उरीमारी ओपी प्रभारी रथु उरांव, पुलिस अवर निरीक्षक रमेश हजाम, सहायक अवर निरीक्षक सिदिउ पूर्ति, शशिकांत प्रेमा तिर्की तथा गिद्दी एवं उरीमारी थाना के रिजर्व गार्ड की भूमिका रही।
कुल मिलाकर, गिद्दी के इस चर्चित हत्याकांड का त्वरित उद्भेदन हजारीबाग पुलिस की सक्रियता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। थाना प्रभारी इकबाल हुसैन की कर्तव्यनिष्ठा और टीम के साथ मिलकर की गई कार्रवाई की सराहना की जानी चाहिए। हालांकि, मामले में आरोपियों की दोषसिद्धि का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
Leave a comment