एस अली ने कहा- अधूरी योजनाओं को पूर्ण दिखाकर 3.50 करोड़ का भुगतान; मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने कार्रवाई का दिया भरोसा
रांची। खूंटी जिले में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं में बिना काम और अधूरे कार्यों के एवज में सरकारी राशि के भुगतान का मामला सामने आया है। झारखंड छात्र संघ ने विभागीय अधिकारियों और संबंधित संवेदकों पर मिलीभगत कर सरकारी राशि की बंदरबांट करने का आरोप लगाते हुए पेयजल मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो से कार्रवाई की मांग की है। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रतिनिधिमंडल को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
झारखंड छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 3 नवंबर को कांके स्थित विश्वा सभागार में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में शामिल होने से पहले मंत्री को मांग पत्र सौंपा। इसमें वर्ष 2022-23 में खूंटी जिले के विभिन्न पंचायतों और गांवों में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता का आरोप लगाया गया है।
82 योजनाओं में सिर्फ 7 पूरी, 3.50 करोड़ का भुगतान
एस अली ने बताया कि खूंटी प्रखंड की लांदुप पंचायत के क्लस्टर-8B में कुल 82 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं स्वीकृत हैं। विभागीय फाइलों और पोर्टल पर इनमें से 38 योजनाओं को पूर्ण दिखाया गया है, जबकि धरातल पर महज 7 योजनाएं ही पूरी हुई हैं। वहीं, 8 योजनाओं में पहुंच पथ (Approach Path) तक नहीं बनाया गया है, जिससे जलापूर्ति संरचनाएं अनुपयोगी हैं। शेष 67 योजनाएं अधूरी हैं।
इसके बावजूद संबंधित एजेंसी को करीब 3.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। छात्र संघ ने आरोप लगाया कि अधूरे कार्यों के आधार पर फर्जी रिपोर्टिंग कर पूर्णता प्रमाण पत्र हासिल किया गया और सरकारी राशि का भुगतान कराया गया।
छह अन्य क्लस्टरों में भी अनियमितता का आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने क्लस्टर-8A, 9A, 9B, 10A, 10B और 11A में भी इसी तरह की अनियमितताओं का आरोप लगाया है। मांग पत्र में कहा गया है कि नियमानुसार थर्ड पार्टी निरीक्षण (TPIA) और ग्राउंड वेरिफिकेशन के बाद ही कार्य पूर्ण होने पर संवेदकों को भुगतान किया जाना चाहिए। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने नियमों और सरकारी निर्देशों की अनदेखी कर अधूरे कार्यों के एवज में भुगतान किया।
अधिकारियों और संवेदकों पर कार्रवाई की मांग
छात्र संघ ने इस मामले में तत्कालीन कनीय अभियंता रामजी प्रसाद, सहायक अभियंता राम सुंदर राम, कार्यपालक अभियंता सुरेंद्र कुमार दिनकर तथा संबंधित एजेंसियों के संवेदक सरोज नारायण प्रसाद सिंह और समीर सौरव की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस मौके पर रंजीत उरांव, विकास होरो, मो. फुरकान, जियाउद्दीन अंसारी, गुलजार खान, मो. आसिफ, सरफराज सामी, अबुरेहान, मजीद आलम, इस्राइल अंसारी, इमरान जिलानी और सुरेश मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे।





Leave a comment