झारखंड की सांस्कृतिक बनावट जितनी प्राचीन है, उतनी ही विविध और जीवंत भी। कुड़ुख, मुंडारी, खोरठा, नागपुरी, पंचपरगनिया, संताली, हो,
एक बच्चे को आम का पेड़ बहुत पसंद था। जब भी फुर्सत मिलती वह आम के पेड़ के पास पहुंच