जामताड़ा। जिले में मनरेगा के NMMS ऐप में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। मामले में संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर दोषियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
बताया जा रहा है कि मनरेगा योजनाओं में मजदूरों की उपस्थिति और कार्यों की निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले NMMS ऐप में अनियमितता सामने आई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ऐप में दर्ज जानकारी में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और इसके लिए कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। संबंधित रिकॉर्ड और डिजिटल जानकारी की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर मामले की जांच पूरी कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने को कहा है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
मामला सामने आने के बाद मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
फिलहाल NMMS ऐप में कथित फर्जीवाड़े की जांच जारी है और 24 घंटे के भीतर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।
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