रांची: झारखंड में आशा कार्यकर्ताओं (सहिया), आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत इन कर्मियों के परिवारों को आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जोड़ने की योजना है। इसके तहत पात्र परिवारों को सालाना 15 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी कैबिनेट की मंजूरी मिलना बाकी है।
प्रस्ताव के अनुसार, कुल 1,15,897 परिवारों को योजना के दायरे में लाने की तैयारी है। इनमें 39,976 आशा कार्यकर्ताओं, 38,060 आंगनबाड़ी सेविकाओं और 37,861 आंगनबाड़ी सहायिकाओं के परिवार शामिल हैं। इस पहल से पांच लाख से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित व्यवस्था में आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं, कुल 15 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार का लाभ देने की योजना है। पांच लाख रुपये से अधिक की राशि के भुगतान की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा किए जाने का प्रस्ताव है।
झारखंड स्टेट आरोग्य सोसायटी की ओर से तैयार प्रस्ताव के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने आगे की प्रक्रिया शुरू की है। प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाना है। स्वीकृति मिलने के बाद ही योजना लागू हो सकेगी। इसके लागू होने से आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के परिवारों को इलाज के खर्च में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
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