₹70, ₹140, ₹280 और ₹560 के कथित दांव की चर्चा; व्हाट्सऐप पर चॉइस नंबर के खेल की भी जांच की मांग
पाकुड़ ब्यूरो | जितेन्द्र यादव की रिपोर्ट
पाकुड़। पाकुड़ जिले में कथित अवैध लॉटरी के संचालन, वितरण और बिक्री को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। लॉटरी के नाम पर रकम लगाए जाने और व्हाट्सऐप के माध्यम से चॉइस नंबर का खेल संचालित किए जाने संबंधी दावों की निष्पक्ष जांच की जरूरत है। इस मामले में स्थानीय चर्चाओं के दौरान मणिरामपुर निवासी शमीम शेख, तोड़ाई निवासी हृदय मंडल और एक लाख अंसारी के नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन व्यक्तियों की कथित भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तीन नाम चर्चा में, कथित भूमिका की जांच जरूरी
स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं में शमीम शेख का नाम कथित छपाई तथा हृदय मंडल और एक लाख अंसारी के नाम कथित सप्लाई से जोड़े जाने की बात कही जा रही है। इन दावों की सत्यता की पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य और संबंधित पक्षों का जवाब आवश्यक है।
पुलिस प्रशासन को शिकायत या विश्वसनीय जानकारी प्राप्त होने पर यह जांच करनी चाहिए कि क्या जिले में इस तरह की कोई गतिविधि संचालित हो रही है। साथ ही, कथित छपाई, वितरण, बिक्री और पैसों के लेन-देन से संबंधित तथ्यों का सत्यापन किया जाना चाहिए।
सवाल यह है कि पाकुड़ जिले में कथित अवैध लॉटरी को लेकर सामने आ रही सूचनाओं की वास्तविकता क्या है? क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
₹70 से ₹560 तक की रकम को लेकर चर्चा
स्थानीय चर्चाओं में ₹70, ₹140, ₹280 और ₹560 जैसी रकम लगाए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन दरों और कथित गतिविधियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यदि लोगों को अधिक रकम जीतने की उम्मीद दिखाकर पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, तो इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नुकसान पहुंचने की आशंका हो सकती है। दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों और छोटे दुकानदारों के लिए अपनी सीमित कमाई गंवाने का जोखिम विशेष चिंता का विषय है।
इसलिए जरूरी है कि प्रशासन तथ्यों की जांच करे और यदि कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।
व्हाट्सऐप पर चॉइस नंबर के खेल की भी चर्चा
इस मामले में व्हाट्सऐप के माध्यम से पांच अंकों का चॉइस नंबर भेजने और जवाब में ‘ओके’ संदेश मिलने संबंधी दावे भी सामने आ रहे हैं। इन दावों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
यदि इस प्रकार की गतिविधियां संचालित होने के साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित डिजिटल संदेशों, मोबाइल नंबरों और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की नियमानुसार जांच की जा सकती है। इससे गतिविधि के वास्तविक स्वरूप और संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।
पान की दुकानों और चौक-चौराहों पर निगरानी की मांग
स्थानीय स्तर पर कुछ पान की दुकानों और चौक-चौराहों पर कथित लॉटरी की बिक्री होने की चर्चा भी है। हालांकि, किसी खास स्थान पर ऐसी गतिविधि संचालित होने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
यदि इस संबंध में विश्वसनीय शिकायतें मिलती हैं, तो संबंधित स्थानों की जांच कराई जा सकती है। किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के विरुद्ध कार्रवाई तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होनी चाहिए।
एसपी और डीसी से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा
पाकुड़ जिले में कथित अवैध लॉटरी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपेक्षा की जा रही है।
प्रशासन संबंधित सूचनाओं का सत्यापन कर यह पता लगा सकता है कि कहीं अवैध रूप से लॉटरी का संचालन, वितरण या पैसों का लेन-देन तो नहीं हो रहा है। यदि जांच में किसी प्रकार का कानून उल्लंघन सामने आता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जनहित का सवाल: कथित अवैध लॉटरी पर कब होगी कार्रवाई?
पाकुड़ जिले में कथित अवैध लॉटरी को लेकर सामने आ रही चर्चाओं के बीच कई सवालों का जवाब मिलना बाकी है। क्या वास्तव में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं? क्या व्हाट्सऐप के माध्यम से चॉइस नंबर का खेल चल रहा है? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
इन सवालों का जवाब प्रशासनिक जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।
जनहित में मांग है कि संबंधित अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच करें, तथ्यों को स्पष्ट करें और कानून का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करें।
इस समाचार में उल्लिखित व्यक्तियों के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति की संलिप्तता को प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। संबंधित व्यक्तियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।
Leave a comment