
टीआरएल विभाग में हुआ अभ्यास, 3 नवंबर को बापू वाटिका से निकलेगी यात्रा
- हेमन्त अहीर
रांची। झारखंड की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन को लेकर 3 नवंबर को सांस्कृतिक भाषा आंदोलन यात्रा निकाली जाएगी। इसकी तैयारी को लेकर रविवार को रांची स्थित टीआरएल विभाग में अभ्यास सत्र आयोजित किया गया।
जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बचाओ मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस यात्रा में कुड़माली, नागपुरी, खोरठा, कुड़ुख, हो, मुंडारी, खड़िया, संताली और पंचपरगनिया भाषाओं से जुड़े लोग शामिल होंगे। अभ्यास सत्र में लोकगीत, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर चर्चा की गई।
मौके पर पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की, डॉ. खलीक अहमद, डॉ. वृंदावन महतो, डॉ. दिनेश दिनमणि, डॉ. सरस्वती गगराई और मुख्य संयोजक पप्पू कुमार महतो सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
आयोजकों ने कहा कि यात्रा के माध्यम से झारखंड की भाषाओं, लोकसंस्कृति और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। मोर्चा ने भाषा प्रेमियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, साहित्यकारों और आम लोगों से 3 नवंबर को मोराबादी स्थित बापू वाटिका में आयोजित यात्रा में भाग लेने की अपील की है।
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