[स्थान]। गांव के नौनिहालों को स्कूल जाने के लिए आज भी नदी पार करने की मजबूरी है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने से बच्चों के लिए यह रास्ता और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव से स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को नदी पार करनी पड़ती है। सुरक्षित आवागमन की सुविधा नहीं होने के कारण अभिभावकों को भी हर समय बच्चों की चिंता बनी रहती है।
सबसे ज्यादा परेशानी बरसात के दिनों में होती है। तेज बहाव के बीच नदी पार करना हादसे का खतरा बढ़ा देता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से यहां पुल या सुरक्षित रास्ते की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द स्थायी पुल या सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई भी सुचारु होगी और ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में राहत मिलेगी।
लोगों का कहना है कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, लेकिन सुरक्षित रास्ते के अभाव में बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल नदी पार कर स्कूल जाने की मजबूरी ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। अब लोगों की नजर प्रशासन की पहल पर है कि इस समस्या का स्थायी समाधान कब होता है।
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