बर्खास्त कंपनी कमांडर कैलाश प्रसाद यादव द्वारा अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद होमगार्ड विभाग में हड़कंप मच गया है। मामला सामने आते ही विभाग के डीजी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार पदाधिकारियों को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया है और सभी से स्पष्टीकरण मांगा है।
जिन चार अधिकारियों पर नामजद आरोप लगाए गए हैं, उनमें अनुज कुमार (स्थापना शाखा प्रभारी), सूरज प्रकाश सिंह (गोपनीय रीडर, डीआईजी होमगार्ड), दीपक पुंज (रीडर, डीजी होमगार्ड) और संजय सिंह (ओटीडी शाखा प्रभारी) शामिल हैं। विभाग का कहना है कि स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कहां से शुरू हुआ विवाद
कैलाश प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया और ईमेल के माध्यम से आरोप लगाया कि उनसे विभाग के कुछ अधिकारियों ने अवैध वसूली की मांग की थी। इसी शिकायत के बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू की और सभी नामित पदाधिकारियों को ड्यूटी से अलग कर दिया।
इसके पीछे कैलाश यादव पर पहले से चल रही कार्रवाई भी अहम है। उन पर फर्जी तरीके से कई लोगों को पुनः नामांकित करने और दस्तावेज़ों में छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप था। इस मामले में धुर्वा थाना कांड संख्या-278/24 के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी और विभागीय जांच में उन्हें दोषी पाया गया। 24 नवंबर को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
जांच में सामने आए गंभीर तथ्य
अनुसंधान में यह प्रमाणित हुआ था कि कंपनी कमांडर रहते हुए कैलाश यादव ने गृह रक्षकों की प्रतिनियुक्ति पंजी में छेड़छाड़ की और कुछ व्यक्तियों को अवैध रूप से पुनः नामांकित किया। विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और सेवा संहिता का उल्लंघन माना। अब बर्खास्तगी के बाद किए गए नए आरोपों ने मामले को और उलझा दिया है और चार अधिकारियों को जांच के दायरे में ला दिया है।
आरोपों की सूची में कौन-कौन शामिल
कैलाश प्रसाद यादव ने अपनी शिकायत में जिन अधिकारियों को आरोपी बनाया है, वे सभी होमगार्ड मुख्यालय की महत्वपूर्ण शाखाओं से जुड़े हैं—
• अनुज कुमार – निरीक्षक, स्थापना शाखा प्रभारी
• सूरज प्रकाश सिंह – कंपनी कमांडर, गोपनीय रीडर
• दीपक पुंज – रीडर, डीजी होमगार्ड
• संजय सिंह – निरीक्षक, ओटीडी शाखा प्रभारी
उन्होंने आरोप लगाया है कि इन अधिकारियों ने उनसे लगभग 8 लाख रुपये की अवैध वसूली की मांग की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
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