झारखंड आंदोलन के प्रणेता, राज्य निर्माता और आदिवासी समाज के पुरोधा स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन के भव्य श्राद्ध भोज में शामिल होकर उनकी पोती जयश्री भावुक हो गईं। पूर्व विधायक सीता सोरेन और स्व. दुर्गा सोरेन की बेटी जयश्री ने इस मौके पर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर दादा शिबू सोरेन के जीवन, उनके संघर्ष और विचारधारा को याद किया।
जयश्री ने लिखा कि उन्हें और उनकी बहनों को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि वे झारखंड के कोने-कोने से आए अपने बाबा के अनुयायियों व प्रशंसकों को श्रद्धांजलि भोज में अपने हाथों से भोजन परोस सकीं। उन्होंने इसे अपने बाबा की सेवा का सबसे सच्चा रूप बताया और कहा कि
“सेवा करते हुए दिल से महसूस हुआ कि यही गुरु जी की असली राह है। उनकी धरोहर सिर्फ किसी मंच या भाषण तक सीमित नहीं, बल्कि उन मुस्कानों में है जो सेवा पाकर खिल उठीं।”
जयश्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि दिशोम गुरु ने अपना संपूर्ण जीवन जनता को समर्पित कर दिया था। उनका संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं था, बल्कि हर उस आम इंसान के लिए था जो न्याय, सम्मान और सहारे का हक़दार था। भोज में उमड़ी अपार भीड़ को उन्होंने इस बात का प्रतीक बताया कि लोगों के दिलों में शिबू सोरेन के लिए कितनी गहरी श्रद्धा और प्रेम है।
उन्होंने कहा –
“बाबा की विचारधारा और संघर्ष के साथ जो लोग खड़े रहे, उनके लिए हम भी सदैव अडिग रहेंगे। यही हमारी प्रतिज्ञा है और यही बाबा को सच्ची श्रद्धांजलि। दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें।”
जयश्री के इस भावुक संदेश ने झारखंडवासियों के मन में एक बार फिर दिशोम गुरु की स्मृतियों को जीवंत कर दिया है। यह पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही है और लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जाना झारखंड के लिए एक युग का अंत माना जा रहा है, लेकिन उनकी विचारधारा आज भी नई पीढ़ी को प्रेरणा दे रही है, और जयश्री की यह भावपूर्ण श्रद्धांजलि इसी का प्रमाण है।
बता दें कि दिशोम गुरु झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, सीएम हेमंत सोरेन के पिता का दिल्ली के गंगा राम अस्पताल में 4 अगस्त को निधन हो गया था। 81 वर्ष के शिबू सोरेन किडनी से जुड़ी बीमारी के चलते पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की खबर से पूरे झारखंड में शोक की लहर है।
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