कोलेबिरा विधानसभा अंतर्गत कोलेबिरा प्रखंड के कस्तुरबा विद्यालय में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि और सह मुख्य वक्ता के रूप में कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी उपस्थित हुए। संगोष्ठी में राज्यस्तरीय, जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की भी उपस्थिति रही।
विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने उपस्थित सभी अभिभावकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आज के बदलते परिवेश में शिक्षा की महत्ता को बताया और अभिभावकों से विशेष रूप से जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला उनका अपना घर होता है और घर का माहौल बच्चों के व्यक्तित्व और चरित्र पर गहरा असर डालता है। विधायक ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे घर में अनुशासन बनाए रखें, नशे से दूर रहें और बच्चों को अच्छे संस्कार दें।
विधायक ने अनुशासन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी सफलता को प्राप्त करने के लिए अनुशासन का होना जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से यह भी अपील की कि वे अपने बच्चों को 18 साल से पहले दोपहिया और चारपहिया वाहन न चलाने दें, क्योंकि हाल के दिनों में बच्चों के वाहन चलाने के कारण कई दुर्घटनाओं में जानें जा चुकी हैं।
इसके अलावा, विधायक ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कई कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए प्रयासरत है और मुख्यमंत्री एक्सीलेंसी विद्यालयों में सीबीएससी पैटर्न पर पढ़ाई हो रही है। साथ ही, सरकार सभी सरकारी विद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है, ताकि गांवों के गरीब बच्चों को भी बेहतर शिक्षा मिल सके।
विधायक ने जिला मुख्यालय में एक आधुनिक पुस्तकालय का निर्माण कराने की बात भी की, जिसमें सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं से संबंधित किताबें और पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें विद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है, बशर्ते उनके पास आई कार्ड हो। विधायक ने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों से विद्यार्थियों का आई कार्ड जल्द बनाने की अपील की, ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें। मौके पर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष श्यामलाल प्रसाद समेत कई गणमान्य व्यक्ति, अभिभावक और छात्र उपस्थित थे।
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