झारखंडब्रेकिंगलोहरदगा

लोहरदगा : कुडू प्रखंड में हाथियों का तांडव, एक को कुचलकर मारा, कई घरों को किया जमींदोज

Share
Share
Khabar365news

लोहरदगा : लोहरदगा जिले के कुडू प्रखंड के तान गांव में शनिवार देर शाम हाथियों के एक झुंड ने जमकर तबाही मचाई। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 18 हाथियों का झुंड राहे और तान पहाड़ से उतरकर गांव में घुस आया। इस दौरान हाथियों ने 60 वर्षीय सीताराम उरांव पर हमला कर दिया, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों ने पहले मंगरा उरांव का घर तोड़ा, जिसके बाद वे सीताराम उरांव के नए घर में घुस गए। उन्होंने सीताराम उरांव को सूंड में लपेटकर करीब 100 मीटर दूर ले जाकर बुरी तरह कुचल डाला। हाथियों ने उन्हें इतनी बेरहमी से रौंदा कि उनका शरीर क्षत-विक्षत हो गया। परिजनों को उनका शव एक टोकरी में रखकर गांव लाना पड़ा। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं, गांव के अमर भगत और बिलतु भगत ने छत पर चढ़कर किसी तरह अपनी जान बचाई। ग्रामीणों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब हाथियों ने इस गांव में उत्पात मचाया हो। पिछले दो दिनों में ही बुधन महली, मंटू उरांव, सारू उरांव, चोरों उरांव और भीखाराम उरांव समेत कई लोगों के घरों को हाथियों ने तोड़ दिया है।

यह पहली घटना नहीं है जब हाथियों ने किसी ग्रामीण की जान ली हो। पिछले तीन वर्षों में कई लोगों की मौत हुई है और दर्जनों घायल हुए हैं। 22 अप्रैल 2023 को चडरा गांव में महावीर उरांव की मौत हुई थी, 5 मार्च 2023 को बरवाटोली जंगल में विनोद टाना भगत गंभीर रूप से घायल हुए थे, 22 जून 2023 को तान गांव के ही उमेश उरांव की हाथियों को भगाते समय कुएं में गिरकर मौत हो गई थी, 6 सितंबर 2024 को कुडू के हमीद नगर में शौकीन अंसारी की मौत हुई थी, 15 मार्च 2025 को बढ़मारा घाटीटोली में किसान दशरथ उरांव पर हमला हुआ था, 22 मार्च 2025 को सुकुरहुटू पतरा जंगल में एक महिला घायल हुई थी, 14 मई 2025 को हनहट गांव में सगीर अंसारी की मौत हुई थी और 11 सितंबर 2025 को कैरो में इरफान अंसारी की मौत हुई थी। ताज़ा घटना सीताराम उरांव की मौत है। ये घटनाएं दिखाती हैं कि पिछले कुछ सालों में लोहरदगा जिले के कुडू और कैरो प्रखंडों सहित कई ग्रामीण इलाकों में मानव और हाथियों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि वन विभाग के पास हाथियों से निपटने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है और न ही प्रशासन पर्याप्त संसाधन जुटा पा रहा है। हर बार ग्रामीणों को ही अपनी जान जोखिम में डालकर हाथियों को भगाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक प्रशासन इस समस्या को हल करने में असमर्थ रहेगा और कब तक लोग हाथियों के हमले में अपनी जान गंवाते रहेंगे।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Categories

Calender

November 2025
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930







Related Articles
BreakingJharkhandझारखंडब्रेकिंग

चाईबासा में पत्थर से कूचकर हत्या से सनसनी नियुक्ति पत्र का इंतज़ार 

Khabar365newsपश्चिमी सिंहभूम के टोंटो थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया...

BreakingJharkhandझारखंडब्रेकिंग

2009 के संकल्प के मुताबिक तय हो शिक्षकों की सैलरी, 12 हफ्ते का दिया समय 

Khabar365newsझारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि...

BreakingJharkhandझारखंडब्रेकिंग

जयराम महतो JSCA में आम दर्शकों की तरह देख रहे मैच

Khabar365newsलाल घेरे में दिख रहे यह शख्स कोई आम इंसान नहीं है...

BreakingJharkhandPakurझारखंडब्रेकिंग

पाकुड़ में मासिक और विशेष लोक अदालत का आयोजन

Khabar365newsझालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पाकुड़ के तत्वावधान...