राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 26 फरवरी को जमशेदपुर में प्रस्तावित श्री जगन्नाथ मंदिर और आध्यात्मिक केंद्र की आधारशिला रखेंगी। इस अवसर पर विधिवत भूमि पूजन भी किया जाएगा। यह जानकारी श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केंद्र न्यास के प्रबंध न्यासी एस.के. बेहरा ने शनिवार को दी। एस.के. बेहरा ने बताया कि राष्ट्रपति द्वारा मंदिर परिसर की आधारशिला रखे जाने के साथ ही न्यास की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की औपचारिक शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि मंदिर की संपूर्ण संरचना को तैयार होने में लगभग चार वर्ष का समय लगेगा, हालांकि न्यास की प्राथमिकता आध्यात्मिक केंद्र को पहले पूरा कर उसे शीघ्र संचालित करने की है।
प्रबंध न्यासी के अनुसार यह आध्यात्मिक केंद्र शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां आध्यात्मिक विज्ञान, संस्कृति और विरासत से जुड़े अध्ययन एवं शोध को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे युवाओं को नैतिक और बौद्धिक दिशा मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि करीब 2.5 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह मंदिर पूरी तरह पत्थरों से निर्मित होगा। मंदिर की वास्तुकला में पारंपरिक शैली और उत्कृष्ट शिल्पकला का विशेष ध्यान रखा जाएगा। आध्यात्मिक केंद्र और मंदिर के गर्भगृह को समय पर पूरा करने के लिए निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
एस.के. बेहरा ने यह भी बताया कि इस परियोजना की नींव उस समय पड़ी थी, जब द्रौपदी मुर्मू झारखंड की राज्यपाल थीं और उसी दौरान इसके लिए भूमि का आवंटन किया गया था। अब राष्ट्रपति के रूप में उनके हाथों आधारशिला रखे जाने से परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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