झारखंड के 82 प्रगतिशील किसान इन दिनों Institute of Horticulture Technology, ग्रेटर नोएडा (एनसीआर दिल्ली) में आयोजित राज्य के बाहर प्रशिक्षण एवं एक्सपोज़र विज़िट कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक और उन्नत बागवानी तकनीकों से सीधे तौर पर परिचित कराना है, ताकि वे अपने क्षेत्रों में उत्पादन और आय दोनों बढ़ा सकें। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को हाई-टेक बागवानी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव कराया जा रहा है। इसमें सोइललेस नर्सरी उत्पादन, पॉलीहाउस खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, मशरूम उत्पादन, आधुनिक सिंचाई प्रणाली और भारत गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिस (GAP) के अनुरूप फसलोत्तर प्रबंधन शामिल हैं। विशेषज्ञों द्वारा तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है और किसानों को उनसे जुड़े लाभ, लागत और बाजार संभावनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को Amrit Udyan, Rashtrapati Bhavan का भ्रमण करने का अवसर भी मिला। यहाँ 140 से अधिक गुलाब की किस्में, हजारों ट्यूलिप और अनेक प्रकार की सजावटी एवं औषधीय वनस्पतियाँ प्रदर्शित हैं। हर्बल गार्डन, बोन्साई गार्डन और आरोग्य वनम जैसे विशेष अनुभागों ने किसानों को वर्टिकल फार्मिंग, लैंडस्केपिंग, पौधशाला प्रबंधन और सतत बागवानी पद्धतियों के प्रति प्रेरित किया। इस प्रशिक्षण से लौटने के बाद किसान अपने-अपने खेतों में सीखी गई तकनीकों को अपनाने की तैयारी में हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे गुमला जिले में कृषि क्षेत्र की उत्पादकता, स्थिरता और किसानों की आय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा, विशेष रूप से सब्ज़ी, फूल और फल उत्पादन के क्षेत्र में।
किसानों ने इसे अपने लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया। उनका कहना है कि यहाँ से मिली जानकारी और अनुभव उनके कृषि कार्य को नई दिशा देंगे। वहीं गुमला की उपायुक्त (डीसी) ने भी इस पहल को किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उन्नत प्रशिक्षण से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे आने वाली पीढ़ी को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगे। स्थानीय प्रगतिशील किसानों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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