जामताड़ा जिले में आदिवासी समाज को नशा मुक्ति और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाने वाले सुरेश मुर्मू के घर को शनिवार रात असामाजिक तत्वों ने कथित रूप से आग लगा दी। इस घटना में घर में रखे सामान सहित लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। सुरेश मुर्मू ने बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से लगातार धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने आशंका जताई कि समाज सुधार के उनके प्रयासों से नाराज असामाजिक तत्वों ने यह घटना अंजाम दी। उनके अनुसार, शनिवार देर रात करीब 12 बजे कुछ अज्ञात लोगों ने उनके घर पर केरोसिन तेल छिड़ककर आग लगा दी। उस समय घर के अंदर उनकी बहन लक्खी मुर्मू सो रही थीं। आग की लपटें उठते देख वह किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहीं, जिससे उनकी जान बच गई।
आगजनी की इस घटना में घर के फर्नीचर, कपड़े, आवश्यक दस्तावेज और नगदी सहित अन्य कीमती सामान जलकर खाक हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा घर धू-धू कर जलने लगा। हालांकि, ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। घटना के बाद से बागघारा गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, सुरेश मुर्मू पिछले कई महीनों से आदिवासी समाज को नशा मुक्ति, सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे थे। इसी अभियान के तहत उन्होंने राज्यपाल, कमिश्नर, उपायुक्त सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर समाज में फैल रही बुराइयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
घटना की खबर पूरे जिले और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से फैल गई। आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। मांझी परगना सरदार महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा सहित अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली। सुनील हांसदा ने कहा कि सुरेश मुर्मू समाज को नशे और अन्य बुराइयों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे थे। ऐसे में असामाजिक तत्वों द्वारा इस तरह की कायराना हरकत की जाना अत्यंत निंदनीय है।
उन्होंने जिला प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि समाज सुधार की आवाज को दबाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “हम डरने वाले नहीं हैं। समाज को सही दिशा में ले जाने का अभियान जारी रहेगा।” जामताड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस की निगरानी बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, पीड़ित परिवार न्याय और सुरक्षा की मांग कर रहा है। यह घटना न केवल एक परिवार पर हमला है, बल्कि समाज सुधार की दिशा में काम कर रहे लोगों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।
Leave a comment