रांची। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 तक नोटिस, दावों और आपत्तियों (क्लेम-ऑब्जेक्शन) का निस्तारण किया जाएगा। निर्वाचन संबंधी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए यह कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच निर्धारित अवधि में की जाएगी। इस दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन करने अथवा अन्य आपत्तियों से जुड़े मामलों पर सुनवाई और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि संबंधित दावेदारों और आपत्तिकर्ताओं को नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे। सभी मामलों का निपटारा दस्तावेजों, सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा ताकि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।
निर्वाचन आयोग की ओर से यह भी कहा गया है कि पात्र मतदाता समय पर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराएं तथा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं। इससे प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।
मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों और किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति को दूर किया जा सके।
निर्वाचन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है।
5 अगस्त से शुरू हुई यह प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगी, जिसके बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों के आधार पर मतदाता सूची को अद्यतन करने की आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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