नई दिल्ली। त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में चीनी के दाम बढ़ने के बीच सरकार ने साफ किया है कि कीमतों में तेजी के लिए एथनॉल उत्पादन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
सरकार के अनुसार, चीनी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे कई बाजार संबंधी कारण हो सकते हैं। उत्पादन, उपलब्ध स्टॉक, मांग और बाजार की परिस्थितियां कीमतों को प्रभावित करती हैं।
त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के कारोबार में खपत बढ़ने के कारण बाजार में मांग का दबाव भी देखने को मिल सकता है।
एथनॉल को लेकर सरकार का कहना है कि चीनी उद्योग से जुड़े एथनॉल उत्पादन को सीधे तौर पर मौजूदा कीमतों में बढ़ोतरी का कारण नहीं माना जा सकता। सरकार चीनी और एथनॉल दोनों क्षेत्रों से जुड़े उत्पादन तथा उपलब्धता पर नजर रख रही है।
बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से स्थिति की निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर मिठाई कारोबार और घरेलू बजट पर पड़ने की आशंका है। ऐसे में उपभोक्ताओं की नजर अब सरकार के अगले कदम और बाजार में चीनी की उपलब्धता पर बनी हुई है।
फिलहाल सरकार ने एथनॉल उत्पादन को चीनी की महंगाई की वजह मानने से इनकार किया है और बाजार की स्थिति पर नजर रखने की बात कही है।
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