[स्थान]। जनगणना कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी को लेकर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि शिक्षक जनगणना कार्य से इनकार नहीं कर सकते, लेकिन इस दौरान उन्हें स्कूल की नियमित ड्यूटी पर भी माना जाएगा।
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि जनगणना जैसे सरकारी कार्य में शिक्षकों की भूमिका निर्धारित होने पर उन्हें जिम्मेदारी निभानी होगी। वहीं, जनगणना कार्य में लगाए जाने के कारण स्कूल में उनकी अनुपस्थिति को लेकर अलग से कार्रवाई का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
अदालत के समक्ष शिक्षकों की ओर से जनगणना ड्यूटी और स्कूल की नियमित जिम्मेदारियों को लेकर अपनी दलीलें रखी गई थीं। मामले में दोनों जिम्मेदारियों के बीच तालमेल और शिक्षकों के अधिकारों से जुड़े पहलुओं पर विचार किया गया।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी को लेकर स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हुई है। सरकारी अधिकारियों को भी अदालत के निर्देशों के अनुरूप कार्य करने की जरूरत होगी।
जनगणना देश के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य है और इसमें विभिन्न सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। शिक्षकों को भी कई बार इस प्रक्रिया में जिम्मेदारी दी जाती है।
अदालत के आदेश के बाद अब संबंधित विभागों को शिक्षकों की ड्यूटी निर्धारित करते समय स्कूल और जनगणना दोनों जिम्मेदारियों को ध्यान में रखना होगा।
मामले में हाईकोर्ट की विस्तृत आदेश प्रति सामने आने के बाद शिक्षकों की ड्यूटी और प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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