रांची। 14वीं JPSC परीक्षा में कथित धांधली को लेकर जांच में एक और गंभीर बात सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि गड़बड़ी के लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया गया था, जिसके जरिए परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
जांच के दौरान कथित सॉफ्टवेयर और उसके इस्तेमाल से जुड़े तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सॉफ्टवेयर किसने तैयार किया और इसे परीक्षा प्रक्रिया में किस तरह इस्तेमाल किया गया।
मामले में अभ्यर्थियों के चयन, परीक्षा से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही कथित लेन-देन और आरोपियों के बीच संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित सॉफ्टवेयर के जरिए किस स्तर पर गड़बड़ी की गई और इसका लाभ किन अभ्यर्थियों को मिला।
14वीं JPSC परीक्षा को लेकर पहले से ही अनियमितताओं के आरोप लगाए जाते रहे हैं। नए दावों के सामने आने के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है।
हालांकि, जांच में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। किसी व्यक्ति या अभ्यर्थी का जांच के दायरे में होना अपने आप में दोष सिद्ध नहीं करता।
फिलहाल कथित विशेष सॉफ्टवेयर, परीक्षा रिकॉर्ड और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच जारी है।
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