छतरपुर (पलामू): दुर्गा पूजा के दौरान पुलिस का काम केवल सुरक्षा व्यवस्था संभालना ही नहीं, बल्कि आम लोगों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना और समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाना भी है। इसका एक उदाहरण पलामू जिले के छतरपुर में देखने को मिला, जहां दुर्गा पूजा पंडालों के निरीक्षण के दौरान एसडीपीओ प्रशांत कुमार बच्चों के बीच शिक्षक की भूमिका में नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद उन्होंने पंडाल के आसपास मौजूद स्कूली बच्चों से बातचीत की और उन्हें पढ़ाई के प्रति जागरूक किया।
दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने छतरपुर अनुमंडल क्षेत्र में बनाए जा रहे करीब आधा दर्जन पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूजा समितियों के पदाधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उनका ध्यान केवल व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि बच्चों से संवाद करने और उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी रहा।
बच्चों से पढ़ाई और स्कूल के बारे में की बातचीत
पूजा पंडाल के आसपास मौजूद स्कूली बच्चों से एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने सहज अंदाज में बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, विद्यालय और पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्हें मन लगाकर पढ़ने, विषयों को अच्छी तरह समझने और शिक्षा के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस अधिकारी का बच्चों के बीच इस तरह पहुंचना और उनसे आत्मीयता के साथ बातचीत करना पुलिस की संवेदनशील भूमिका को सामने लाता है। इस दौरान प्रशांत कुमार ने बच्चों को शिक्षा के महत्व का संदेश दिया। उनका यह व्यवहार पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर संबंध बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया।
सुरक्षा व्यवस्था का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान एसडीपीओ ने पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकास के रास्तों, बैरिकेडिंग, अग्नि सुरक्षा, बिजली की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों, रोशनी और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने पूजा समितियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा भीड़ बढ़ने की स्थिति में पर्याप्त स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी आपात स्थिति में एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों के आवागमन के लिए रास्ता खुला रहना चाहिए। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने तथा बिजली के तारों और पंडाल निर्माण से जुड़े सुरक्षा मानकों का पालन करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
अफवाहों से बचने और नियमों का पालन करने की अपील
एसडीपीओ ने पूजा समितियों को ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल में निर्धारित नियमों और समय-सीमा का पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह या भ्रामक सूचना नहीं फैलाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। साथ ही पूजा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान इंस्पेक्टर द्वारिका राम, थाना प्रभारी सौरभ चौबे और अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।
सुरक्षा के साथ संवेदनशीलता का संदेश
छतरपुर में दुर्गा पूजा पंडालों के निरीक्षण के दौरान एसडीपीओ प्रशांत कुमार का बच्चों से संवाद चर्चा का विषय बना। एक ओर उन्होंने पूजा समितियों को सुरक्षा संबंधी जरूरी निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर बच्चों से बातचीत कर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। यह पहल दिखाती है कि पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद कायम करने की भी है।
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