
मुंबई में देवेंद्र महतो का आत्मीय स्वागत, विद्यार्थियों के अधिकारों से लेकर प्रवासियों की समस्याओं तक उठे अहम मुद्दे

मुंबई/हजारीबाग। झारखंड की माटी से हजारों किलोमीटर दूर मुंबई की धरती पर जब राज्य के विद्यार्थियों के अधिकारों और प्रवासी झारखंडियों की पीड़ा की आवाज बुलंद हुई, तो इस पहल ने एक बार फिर अपनी मिट्टी से जुड़े रिश्तों की मजबूती को उजागर किया। इस पूरे घटनाक्रम में नव झारखंड फाउंडेशन के केंद्रीय अध्यक्ष किशोरी राणा की सक्रियता, आत्मीयता और झारखंड के लोगों को एकजुट रखने की पहल विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने आंदोलनकारी देवेंद्र महतो का मुंबई आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत कर यह संदेश दिया कि झारखंड के युवाओं, विद्यार्थियों और प्रवासियों के हितों के लिए एकजुटता बेहद जरूरी है।

मुंबई में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दौरान देवेंद्र महतो ने विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए उनके अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी किसी भी राज्य और देश की प्रगति की मजबूत नींव होते हैं। उनके संघर्ष, सपनों और अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। विद्यार्थियों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से सामने लाने की इस पहल ने युवा वर्ग के मुद्दों को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में लाने का प्रयास किया।

प्रवासियों के दर्द को समझने की पहल, किशोरी राणा की भूमिका सराहनीय
नव झारखंड फाउंडेशन के केंद्रीय अध्यक्ष किशोरी राणा ने देवेंद्र महतो का स्वागत कर केवल औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि झारखंड के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव और सहयोग की भावना को भी मजबूती दी। रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में महाराष्ट्र में रह रहे झारखंड के अनेक लोग अपने परिवार, गांव और जन्मभूमि से दूर जीवनयापन कर रहे हैं। ऐसे में उनके बीच पहुंचना, उनकी समस्याओं को सुनना और उनकी भावनाओं को सम्मान देना सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

देवेंद्र महतो और प्रवासी झारखंडियों के बीच हुई मुलाकात के दौरान लोगों ने अपने संघर्ष, परेशानियों और उम्मीदों को साझा किया। अपनों से दूर रहकर परिवार की खुशियों के लिए मेहनत करने वाले इन लोगों की पीड़ा ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि प्रवासी झारखंडियों को अपनेपन, सहयोग और मजबूत सामाजिक मंच की आवश्यकता है। इस दिशा में किशोरी राणा की पहल और संगठनात्मक सक्रियता को झारखंडी समाज को जोड़ने वाला सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री से मुलाकात, महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा
मुंबई दौरे के दौरान देवेंद्र महतो ने महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से भी मुलाकात की। इस दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों के अधिकारों की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने और प्रवासी झारखंडियों से संवाद स्थापित करने के लिहाज से यह दौरा महत्वपूर्ण रहा।
झारखंडियों को जोड़ने का संकल्प, अपनी माटी से अटूट रिश्ता
किशोरी राणा के नेतृत्व में नव झारखंड फाउंडेशन की पहल यह संदेश देती है कि राज्य की सीमाओं से बाहर रहने वाले झारखंडियों के हित, सम्मान और समस्याएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं, जितनी अपने प्रदेश में रहने वाले लोगों की। प्रवासी समाज के बीच संपर्क, संवाद और सहयोग की भावना विकसित करना आज समय की जरूरत है।
मुंबई में देवेंद्र महतो का स्वागत और प्रवासी झारखंडियों से जुड़ाव का यह प्रसंग केवल एक मुलाकात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने विद्यार्थियों के अधिकारों, युवाओं के भविष्य और प्रवासी समाज की समस्याओं को एक साथ सामने लाने का अवसर प्रदान किया। किशोरी राणा की सक्रिय भूमिका ने यह संदेश मजबूत किया कि झारखंड की असली ताकत उसकी एकजुटता, अपनेपन और अपनी माटी के प्रति अटूट प्रेम में निहित है। दूरी चाहे कितनी भी हो, झारखंडियों के दिलों में अपनी जन्मभूमि के लिए सम्मान और जुड़ाव हमेशा कायम रहता है।
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