त्रिकोण हवन कुंड दुर्गा पूजा समिति, यूनिवर्सिटी पार्किंग स्थल, सुभाष चौक, रांची में भव्य आयोजन की तैयारियां जारी।
रांची। त्रिकोण हवन कुंड दुर्गा पूजा समिति, यूनिवर्सिटी पार्किंग स्थल, सुभाष चौक, रांची द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य एवं आकर्षक दुर्गा पूजा

का आयोजन किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष श्री जितेंद्र सिंह जी के नेतृत्व में पूजा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
इस वर्ष पूजा पंडाल का मुख्य आकर्षण ‘खोई हुई और भूली हुई चीज़ों की खोज’ थीम पर आधारित होगा। इस अनोखी थीम के माध्यम से आज के आधुनिक एवं तकनीक तथा AI के दौर में उन पुरानी और पारंपरिक चीज़ों को लोगों के सामने जीवंत करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कभी हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा हुआ करती थीं, लेकिन आधुनिक जीवनशैली में धीरे-धीरे हमारी स्मृतियों से दूर होती चली गई हैं।
पुरानी यादों को जीवंत करेगा पंडाल
कोलकाता के सुप्रसिद्ध पंडाल कलाकार बबू दा एवं बापी दा अपने लगभग 25 सहयोगियों के साथ दिन-रात पंडाल निर्माण में जुटे हुए हैं। पंडाल में पुराने समय की जीवनशैली, परंपराओं और उन चीज़ों की झलक प्रस्तुत की जाएगी, जिन्हें देखकर दर्शकों को अपने बचपन और बीते समय की यादें ताज़ा होंगी।
समिति का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को यह बताना भी है कि हमारे पूर्वज किस प्रकार प्रकृति के करीब रहकर जीवन व्यतीत करते थे।
पूरी तरह इको-फ्रेंडली होगा पंडाल
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष पंडाल का निर्माण पूरी तरह इको-फ्रेंडली सामग्री से किया जा रहा है। इसके निर्माण में बांस, मिट्टी, जूट, रस्सी, थर्मोकोल, स्पंज सहित विभिन्न सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है।
समिति का मानना है कि पहले के समय में लोग मिट्टी, प्राकृतिक वातावरण और शुद्ध हवा के अधिक करीब रहते थे, जिसका उनके जीवन एवं स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता था। इसी विचार को पंडाल की थीम के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

पंडाल के बाहरी एवं आंतरिक हिस्से में आकर्षक विद्युत सज्जा एवं लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की जा रही है, जो श्रद्धालुओं एवं दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।
चतुर्थी से श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा पंडाल
समिति की ओर से निर्णय लिया गया है कि पूजा पंडाल का पट चतुर्थी के दिन श्रद्धालुओं एवं दर्शकों के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। बारिश के मौसम के बावजूद समिति के सभी सदस्य एवं कार्यकर्ता तैयारियों को समय पर पूरा करने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं।
भव्य विद्युत सज्जा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
पूजा आयोजन को और आकर्षक बनाने के लिए विद्युत लाइटों से विशेष सजावट की जा रही है। इसके अलावा इस पूजा को सफल बनाने में लगभग 26 से 27 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं:
पंडाल निर्माण में: ₹15,00,000
बिजली के कार्य में: ₹3,00,000
माँ दुर्गा की प्रतिमा: ₹1,50,000
साउंड सिस्टम एवं अन्य व्यवस्थाएं: ₹2,00,000
सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के साथ झारखंड डांस एकेडमी के राम एवं उनके साथी कलाकारों तथा स्काई इवेंट के राकेश सोनी के सहयोग से बाहर से आने वाले कलाकारों द्वारा आकर्षक झांकी, मंच नाटिका एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए नवमी को जागरण एवं भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।
अष्टमी को खीर और नवमी को खिचड़ी का भोग:
समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए अष्टमी के दिन खीर प्रसाद तथा नवमी के दिन खिचड़ी भोग का वितरण किया जाएगा।
21 अक्टूबर को निकलेगी भव्य विसर्जन शोभायात्रा
दुर्गा पूजा के समापन के पश्चात 21 अक्टूबर को मां दुर्गा की भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समिति के सदस्यों के शामिल होने की संभावना है।
समिति के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में पूजा समारोह में शामिल होकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करें और इस अनोखी थीम के माध्यम से हमारे अतीत की उन यादों को फिर से महसूस करें, जो आधुनिक जीवन की भागदौड़ में कहीं पीछे छूट गई हैं।
आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्य जुटे
पूजा आयोजन को सफल बनाने में समिति के अवध बिहारी तिवारी, जितेंद्र साव, राजेश ठाकुर, अजय श्रीवास्तव, रमेश गुप्ता, दीपक गुप्ता, राकेश सिंह, विशाल ठाकुर, बॉबी, बमबम सहित समिति के सभी सदस्य एवं कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
त्रिकोण हवन कुंड दुर्गा पूजा समिति ने कहा कि इस वर्ष का आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ पुरानी यादों, भारतीय जीवनशैली, संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला होगा।
Leave a comment