
हजारीबाग। पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का सराहनीय उदाहरण हजारीबाग के कोर्रा थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां अपार्टमेंट से लापता हुए सात वर्षीय मासूम रिवांश सिंह पठानिया को कोर्रा थाना पुलिस ने महज एक घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली और परिवार की खुशियां फिर से लौट आईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीपक पठानिया के सात वर्षीय पुत्र रिवांश सिंह पठानिया, निवासी बृजनंदन अपार्टमेंट, मतवारी, कोर्रा, अपने अपार्टमेंट से निकलकर कहीं चला गया था। मासूम के अचानक लापता होने से परिजन चिंतित हो उठे। ऐसी परिस्थिति में बच्चे की सुरक्षा को लेकर परिवार की बेचैनी स्वाभाविक थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्रा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे की तलाश शुरू की और अपनी सक्रिय कार्रवाई के जरिए महज एक घंटे के अंदर उसे सकुशल बरामद कर लिया।
इस पूरे मामले में कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक की महत्वपूर्ण भूमिका सराहनीय रही। उनकी तत्परता, संवेदनशील पहल और त्वरित पुलिस कार्रवाई के परिणामस्वरूप मासूम को जल्द सुरक्षित खोजकर उसके माता-पिता के हवाले किया जा सका। कम समय में बच्चे की सकुशल बरामदगी पुलिस की सजगता और आम नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कोर्रा थाना पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में आम लोगों की सहायता करना और उनके चेहरों पर मुस्कान लौटाना भी उसकी अहम जिम्मेदारी है। सात वर्षीय मासूम को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाकर थाना प्रभारी नेमधारी रजक एवं कोर्रा पुलिस ने सराहनीय मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। पुलिस की इस त्वरित पहल की प्रशंसा की जा रही है।

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