बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बिन्देशवरी दुबे के रिश्ते में नाती लगने वाले हजारीबाग के बेहद लोकप्रिय रहें वरिष्ठ श्रमिक नेता सह समाजसेवी सह हजारीबाग माइंस बोर्ड के पूर्व चेयरमैन
रामकुमार ओझा का करीब 75 साल की उम्र में आकस्मिक निधन हो गया। राजकुमार ओझा अपने
छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़े रहे। साल 1973 में संत कोलम्बा काॅलेज में अध्यक्ष बनने के बाद राजनीति में कदम रखा। इन्होंने कांग्रेस पार्टी से जुड़कर बतौर सदस्य कार्य किया। पर इनका संबंध स्व. राजीव गाँधी, स्व. संजय गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री केदार पांडेय, भारत सरकार में गृह मंत्री उमाशंकर दीक्षित, भारत सरकार में रेल मंत्री स्व. कमला पति त्रिपाठी से रहा था। बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री बिन्देशवरी दुबे के बेहद करीबी माने जाते थे। ये रेलवे बोर्ड और हाउसिंग बोर्ड के सदस्य भी रहे थे। एक बेहद लोकप्रिय श्रमिक (मजदूर) नेता के रूप में इन्होंने अपने कर्मों से पहचान बनाई थी। बड़कागांव से इन्होंने कांग्रेस के टिकट से चुनाव भी लड़ा था। इनके रुतवा का उस वक्त तूती बोलता था। हजारीबाग से देश की राजधानी दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में इनकी खासा पैठ हुआ करती थी। माइंस बोर्ड के चेयरमैन रहते हुए इन्होंने सामाजिक, धार्मिक कार्यों में बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाई और जरूरतमंदों को हरसंभव मदद भी पहुंचाया। बेहद तेज- तर्रार होने के साथ बोल्ड अंदाज़ और समाज के प्रबुद्ध जनों से ये बेहद लगाव रखते थे। कालांतर में इनकी मानसिक स्थिति और शारीरिक स्थिति में व्यापक बदलाव आया और खुद में ही खोने लगे। राजकुमार ओझा मूलतः हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत ग्राम कंडसार के निवासी थे लेकिन हजारीबाग मेन रोड़ स्थित यूनियन बैंक के पीछे आवास में रहते थे। इनके निधन के बाद इनके पैतृक गांव कंडसार में इनके शव को पंचतत्व में विलीन किया गया। इनके बडे पुत्र अभिनाश ओझा उर्फ गुडू ने मुखाग्नि दिया।
रामकुमार ओझा के आकस्मिक निधन पर हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल ने गहरा शोक व्यक्त प्रकट करते हुए ईश्वर से उनके आत्मा की शांति और शोकाकूल परिजनों को इस विकट दुःख से उबरने हेतु अदम्य साहस प्रदान करने की कामना की। विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि राम कुमार ओझा जैसे शख्सियत का हमारे बीच से हमेशा के लिए विदा लेना समाज के अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई कतई नहीं हो सकती। विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि इनका निधन हमारे लिए व्यक्तिगत क्षति है। मेरे पिताजी के अजीज मित्र होने के साथ बतौर अभिभावक इनका मार्गदर्शन हमेशा मुझे प्राप्त हुआ है। विधायक मनीष जायसवाल ने बताया कि रामकुमार ओझा जननेता थे और जनता से उनका गहरा लगाव रहा था ।

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