झारखंड में बिजली चोरी के खिलाफ चलाया गया राज्यव्यापी विशेष अभियान बेहद प्रभावशाली रहा। 25 और 26 नवंबर को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक हुई इस दो-दिनी छापेमारी में ऊर्जा विभाग और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़े पैमाने पर सख्ती दिखाई। मुख्यालय स्तर से महारक्षक अमर कुमार के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया।
इस अभियान में कुल 7,767 उपभोक्ताओं के घरों में बिजली चोरी की जांच की गई, जिसमें से 1,131 मामलों में कनेक्शन में अनियमितता, सीधे सप्लाई लेकर बिजली उपयोग और मीटर से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई। सभी संदिग्ध उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
जांच के दौरान अलग-अलग जिलों से जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर कुल 183.37 लाख रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। सिर्फ रांची, गुमला, चतरा, धनबाद, देवघर, गिरिडीह, रामगढ़ और कोडरमा सहित सभी जिलों में इस अभियान ने बड़ी संख्या में बिजली चोरी रोकने में सफलता दिलाई।
छापेमारी के परिणाम बताते हैं कि राज्य के कई क्षेत्रों में बिजली चोरी एक गंभीर समस्या बनी हुई थी, लेकिन अब विभाग की ओर से की गई इस कड़ी कार्रवाई से उपभोक्ताओं में डर और जागरूकता दोनों बढ़ी है।
इसके साथ ही झारखंड बिजली वितरण निगम ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास बिजली चोरी होते देखें तो उसकी सूचना व्हाट्सऐप या मैसेज के माध्यम से 94311-35515 पर गुप्त रूप से दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
अभियान की सफलता ने विभाग, पुलिस और आम नागरिकों की संयुक्त कोशिशों को एक नई मजबूती दी है। ऊर्जा विभाग ने कहा है कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि राज्य में बिजली व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।
Leave a comment