झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 9 प्रतिशत अधिक है। इससे पहले पिछले वर्ष उन्होंने 1 लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपये का मूल बजट प्रस्तुत किया था। मंत्री ने इस बजट को जनकल्याण पर केंद्रित बताया है। वित्त मंत्री ने सदन में बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, बुनियादी ढांचे का विस्तार करने और सामाजिक क्षेत्र को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
योजना मद में इस बार बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है, ताकि चल रही योजनाओं के साथ नई परियोजनाओं को भी गति मिल सके। वित्त मंत्री ने सदन में बजट पेश करते हुए कहा कि यह बजट उन्होंने अपने गुरुजी को समर्पित किया है। उन्होंने कहा, “किसी के पैरों पर गिरकर कुछ पाने से बेहतर है अपने पैरों पर चलकर कामयाबी हासिल करना। यह गरीबों के आंसू पोछने वाला बजट है।” यह उनका लगातार दूसरा बजट है। इस बजट को ‘अबुआ दिशोम’ बजट नाम दिया गया है। मंत्री ने अपने भाषण के दौरान कहा कि आज दिशोम गुरु की कमी खल रही है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि “केंद्र के बिना विकास संभव नहीं। कर हिस्सेदारी का पांच हज़ार करोड़ और अनुदान का ग्यारह हज़ार करोड़ अब तक राज्य को नहीं मिला है।
हमारे ऊपर जी रामजी योजना से लगभग पांच हज़ार करोड़ का प्रति वर्ष अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा।” उन्होंने कहा कि एक लाख 36 हजार करोड़ भी नहीं मिला। लेकिन हम अपने संसाधन से विकास करेंगे। ग्राम सभा हमने मजबूत किया। प्रथम चरण में धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और खूंटी के सदर अस्पतालों को पीपीपी मोड में विकसित कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनाया जाएगा। दूसरे चरण में साहिबगंज और सरायकेला के सदर अस्पतालों को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। आगामी चार वर्षों में एमबीबीएस की सीटों को दोगुना किया जाएगा। साथ ही राज्य में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना चतरा में की जाएगी।
Leave a comment