होली पर्व नजदीक आते ही देश के प्रमुख महानगरों से रांची आने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरू से रांची आने वाली अधिकांश ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 से 150 के पार पहुंच चुकी है, जबकि कई ट्रेनों में टिकट की स्थिति “REGRET” तक हो गई है। इससे यात्रियों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। यात्रियों का कहना है कि होली जैसे बड़े त्योहार के समय हर वर्ष अतिरिक्त ट्रेनों की घोषणा की जाती है, लेकिन इस बार अब तक रांची के लिए सिर्फ दो होली स्पेशल ट्रेन की घोषणा की गई है। सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि दक्षिण पूर्व रेलवे ने अब तक यात्रियों की बढ़ती भीड़ को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे हजारों प्रवासी यात्रियों को घर लौटने में परेशानी हो रही है।
अहमदाबाद, पुणे और सूरत जैसे शहरों से भी रांची के लिए सीधी ट्रेन की कमी की शिकायत सामने आ रही है। यात्रियों के अनुसार कई मार्गों पर सीमित सीट कोटा और पहले से ही भारी भीड़ के कारण टिकट मिलना लगभग असंभव हो गया है। चेन्नई और बेंगलुरू से आने वाले यात्रियों को खासतौर पर लंबी वेटिंग और कनेक्टिंग ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन के सह सचिव रितिक राज ने कहा, “होली के समय हर साल रांची रूट पर यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन रेलवे प्रशासन समय रहते स्पेशल ट्रेनों की घोषणा नहीं करता। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरू से बड़ी संख्या में प्रवासी झारखंड लौटते हैं, ऐसे में इस रूट पर तुरंत होली स्पेशल ट्रेन चलाने की जरूरत है।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाने, रांची के लिए सीट कोटा बढ़ाने और महानगरों से सीधी स्पेशल ट्रेनों की घोषणा से यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। यात्रियों ने मंडल रेल प्रबंधक, रांची से हस्तक्षेप कर स्थिति की समीक्षा करने और जल्द से जल्द स्पेशल ट्रेनों की घोषणा करने की मांग की है। यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, तो होली के मौके पर हजारों यात्रियों को अपने घर पहुंचने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है
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