डिस्चार्ज के बाद बताया, हजारीबाग शहर के जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान से कम नहीं है आरोग्यम हॉस्पिटल
हजारीबाग – हजारीबाग के एकलौते निजी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल एचजेडबी आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में महानगरों के तर्ज़ पर विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाएं गुणवत्त तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। जिसका नतीजा है की हजारीबाग और आसपास के लोगों को अपने ही शहर में हर प्रकार के बीमारी का बेहतर इलाज मिल रहा है। सोमवार को यहां से डिस्चार्ज हुए एक 18 साल के डेंगू ग्रसित युवा ने अपने इलाज और आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के स्वास्थ्य सुविधा का एक विडियो संदेश प्रेषित कर बताया की आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर और चिकित्सीय टीम ने महज़ 48 घंटे में मुझे डेंगू के कहर से राहत दिलाई। मरीज हर्षित ने बताया की पिछले 3 नवम्बर को मेरा डेंगू डिटेक्ट हुआ तब मेरा प्लेटलेट्स भी ठीक था। लेकिन 4 नवम्बर को अचानक तेज़ बुखार, बॉडीपेन, वीकनेस की शिकायत के साथ आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती हुआ। यहां प्लेटलेट्स की जांच हुआ तो प्लेटलेट्स बहुत गिर चुका था। तब बहुत लोगों ने मुझे कहा की किसी महानगर के बड़े हॉस्पिटल से इलाज कराओ लेकिन मेरे मम्मी- पापा और परिवार जनों ने आरोग्यम पर विश्वास किया और मुझे भर्ती कर दिया। हर्षित के अनुसार उन्हें प्लेटलेट्स चढ़ाया गया और दूसरे ही दिन वे पूरी तरह चंगा हो गए और उनका प्लेटलेट्स भी बढ़ गया। जिसके बाद चिकित्सकों ने दो दिन बेडरेस्ट में रखकर डिस्चार्ज कर दिया।
डिस्चार्ज होने के बाद मरीज हर्षित ने आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के चिकित्सक, चिकित्साकर्मी और प्रबंधन को धन्यवाद दिया। हर्षित ने बताया की हजारीबाग जैसे छोटे शहर के जरूरतमंद मरीजों के लिए आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल किसी वरदान से कम नहीं हैं। हर्षित की बहन हर्षिता ने भी हॉस्पिटल के बेहतर चिकित्सा सुविधा और हॉस्पिटिलिटी की खूब प्रसंशा की ।
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