
गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा द्वारा सिख पंथ के चौथे गुरु श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष में आज 5 अक्टूबर,रविवार को सुबह 8:00 बजे से विशेष दीवान सजाया गया.
विशेष दीवान की शुरुआत सुबह 8:00 बजे हजूरी रागी जत्था भाई महिपाल सिंह जी एवं साथियों द्वारा आसा दी वार कीर्तन से हुई तत्पश्चात उन्होंने ” मेरे सतगुरा मैं तुझ बिन अवर ना कोए….” एवं ” सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल है….” शबद गायन किया.

गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ज्ञानी जिवेन्द्र सिंह जी ने कथा वाचन कर श्री गुरु रामदास जी की महिमा का गुणगान करते हुए साध संगत को बताया कि सन् 1577 में गुरु रामदास जी ने एक नए शहर ‘रामदासपुर’ की स्थापना की, जिसका नाम बाद में अमृतसर हुआ. उन्होंने यहां एक पवित्र सरोवर (अमृत सरोवर) का निर्माण भी शुरू करवाया, जो सिखों का प्रमुख तीर्थस्थल बना. गुरु रामदास जी ने सिख विवाह की एक नई और सरल विधि ‘आनंद कारज’ का निर्माण किया, जिसमें ‘चार लावों’ (फेरे) शामिल हैं. गुरु रामदास जी ने सिख गुरुद्वारों के निर्माण और अन्य गतिविधियों के लिए संगत से राजस्व एकत्र करने हेतु ‘मसंद प्रणाली’ की शुरुआत

प्रकाश पर्व के उपलक्ष में विशेष रुप से पधारे सिख पंथ के महान कीर्तनी जत्था भाई जसपाल सिंह जी दिल्ली वाले ने सुबह 9.15 बजे से 10:50 बजे तक “मेरी प्रीत गोविंद सिंह जिन घटै… एवं ” जिन सिरीआ तिनै सवारेआ धन धन राम दास गुरु….” तथा ” मैं चारे कुंडा पालिया तुध जे वड ना साइया….” जैसे कई शबद गायन कर साध संगत को निहाल किया. श्री अनंद साहिब जी के पाठ, गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ज्ञानी जिवेन्द्र सिंह जी द्वारा अरदास,हुकुम नामा एवं कढ़ाह प्रसाद वितरण के साथ दीवान की समाप्ति सुबह 11.15 बजे हुई. सत्संग सभा द्वारा इस मौके पर गुरु का अटूट लंगर भी चलाया गया.

सत्संग सभा के द्वारका दास मुंजाल एवं लेखराज अरोड़ा ने भाई जसपाल सिंह जी एवं साथियों को गुरु घर का सरोपा ओढ़ाकर सम्मानित किया.मंच संचालन नवीन मिढा ने किया.
आज के दीवान में द्वारकादास मुंजाल,नरेश पपनेजा,हरगोविंद सिंह,सुंदर दास मिढ़ा,लेखराज अरोड़ा, केशव दास मक्कड़,मोहन काठपाल, मोहन लाल अरोड़ा,जीवन मिढ़ा,लक्ष्मण सरदाना,लक्ष्मण दास मिढ़ा,वेद प्रकाश मिढ़ा, सूरज झंडई,करण अरोड़ा,भरत गाबा,अशोक मुंजाल,जीतू अरोड़ा,नवीन मिढ़ा,पवनजीत सिंह खत्री, सुभाष मिढ़ा,रमेश गिरधर,उमेश मुंजाल, कवलजीत मिढ़ा,पंकज मिढ़ा,राकेश गिरधर,बसंत काठपाल,गुलशन मुंजाल,जसवंत चूचरा,अमन डावरा समेत अन्य उपस्थित थे

सत्संग सभा के मीडिया प्रभारी नरेश पपनेजा ने बताया कि आगामी 5 नवंबर को मनाए जा रहे श्री गुरु नानक देव जी महाराज के पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष में श्री अखंड पाठ साहिब जी के पाठों की लड़ी शुरू हो गई है, जिसका समापन प्रकाश पर्व की रात

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