
हजारीबाग जिला अंतर्गत वन क्षेत्रों से सटे ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधि को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी की जा रही है।

इस क्रम में त्वरित कार्रवाई दल (QRT) को सक्रिय किया गया है, जो लगातार वन क्षेत्रों एवं आसपास के गांवों में गश्ती कर रहा है। हाथियों की सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर माइकिंग के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्क कर रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, रात्रि के समय विशेष सावधानी बरतें तथा पक्के मकानों में ही शरण लें। साथ ही, हाथियों की किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को देने का अनुरोध किया गया है।

मानव-हाथी द्वंद की स्थिति को नियंत्रित करने तथा हाथियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए Wildlife Trust of India के विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है। आक्रामक हाथी को ट्रैंक्विलाइज़ कर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है।
इसके अतिरिक्त, अत्याधुनिक तकनीकों जैसे थर्मल ड्रोन एवं नाइट विज़न कैमरों की सहायता से रात्रि में भी हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इन उपकरणों से हाथियों के मूवमेंट की सटीक जानकारी प्राप्त कर उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है।

वन विभाग एवं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी आवश्यक एहतियाती एवं सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जा रहे हैं। आम जनता से अपील है कि वे अफवाहों से बचें, विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें।
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