रांची के रातू थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला अब हत्या में बदल गया है। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लड़की की हत्या उसी घर में की गई, जहां वह पिछले 8 वर्षों से रह रही थी। घटना 2 अप्रैल की रात करीब 10:30 बजे ग्राम झखराटांड़ की है, जब ग्रामीणों ने सुबोध पाठक के घर पर हंगामा करते हुए वहां रह रही लड़की के अचानक लापता होने का आरोप लगाया। सूचना पर रातू थाना ने मामले की जांच शुरू की और प्रारंभिक जांच के बाद 3 अप्रैल को मामला दर्ज कर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची SSP के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) द्वितीय के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और टोल प्लाजा के फोटोग्राफ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए रांची के ग्रामीण SP प्रवीण पुष्कर ने बताया कि जांच के दौरान कड़ाई से पूछताछ करने पर सुबोध पाठक और उसके पुत्र राहुल पाठक ने नाबालिग लड़की की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। आरोपियों ने बताया कि हत्या के बाद शव को एंबुलेंस से गया (बिहार) ले जाकर दाह संस्कार कर दिया गया। वहीं एंबुलेंस चालक पिंटू कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि उसे कहा गया था कि 13 वर्षीय लड़की की मौत हो गई है और उसका अंतिम संस्कार गया में करना है, इसलिए वह शव लेकर गया (बिहार) गए।
पुलिसिया पूछताछ में यह बातें सामने आया कि मृतका इंस्टाग्राम के माध्यम से राहुल पाठक के साले के संपर्क में थी। दोनों के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर परिवार में नाराजगी थी और इसी ‘लोक-लाज’ के कारण इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मामले में प्रयुक्त एंबुलेंस और दो मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। दोनों आरोपियों सुबोध पाठक और राहुल पाठक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। इस कार्रवाई में रातू थाना प्रभारी आदिकांत महतो सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।
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