युवाओं को रोजगार देने का हेमंत सोरेन सरकार का वादा विफल रहा
रांची। झारखंड आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) एक संगठन है, जो राज्य भर में युवाओं के आजीविका को बढ़ावा देने में मदद करती है, लेकिन 2.8 वर्ष पहले संगठन के द्वारा विज्ञापन प्रकाशित करने के बावजूद यह लगभग 300 युवाओं की भर्ती करने में असफल रहा। ऐसे में युवाओं को रोजगार देने वाला हेमंत सोरेन सरकार का वादा विफल होता दिखाई दे रहा है।

बता दें कि 2022 में विज्ञापन संख्या 18.01.2022, पीआर 261810 (पीआर) 21-22 (डी) प्रकाशित किया गया था। विज्ञापन प्रकाशन के बाद सितंबर-अक्टूबर 2022 में लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई थी और दिसंबर 2022 में लिखित परीक्षा का परिणाम भी प्रकाशित किया गया। लिखित परीक्षा का परिणाम प्रकाशित होने के बाद जून 2024 तक साक्षात्कार भी हो गया। लेकिन साक्षात्कार पूरा होने के बावजूद अभी तक परिणाम प्रकाशित नहीं किया गया है।
भर्ती प्रक्रिया पूरी करने में दिलचस्पी नहीं
साक्षात्कार में शामिल एक अभ्यर्थी ने कहा कि इस मामले पर उचित जानकारी के लिए जेएसएलपीएस का कोई भी अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि जानकारी के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मंजू नाथ भजंत्री से संपर्क करने की कोशिश भी की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि संबंधित विभाग के मंत्री इरफान अंसारी ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। लेकिन, विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक जानकारी मिली है कि किसी को भी भर्ती प्रक्रिया पूरी करने में दिलचस्पी नहीं है।
अभ्यर्थियों को सता रही है परिणाम की चिंता
साक्षात्कार में शामिल कई उम्मीदवारों का कहना है कि भजंत्री से पहले नैन्सी सहाय, सूरज कुमार और संदीप सिंह सहित तीन आईएएस अधिकारी ने जेएसएलपीएस के सीईओ के रूप में काम किया, लेकिन उनमें से किसी ने भी भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने में रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में एक तरफ जहां दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं और भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (ईसीआई) ने इसके लिए तैयारी शुरू भी कर दी है। वहीं दूसरी तरफ अभ्यर्थियों को परिणाम की चिंता सता रही है। उनका कहना है कि राज्य में किसी भी दिन आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में हमारे परीक्षा का परिणाम ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
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