पाकुड़ से जितेन्द्र यादव की रिपोर्ट
लिट्टीपाड़ा (पाकुड़) की शांत फिज़ाओं से निकली एक प्रतिभा ने आज पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है। लिट्टीपाड़ा प्रखंड की उभरती कलाकार निशा कुमारी, जो कि प्रसिद्ध कलाकार गणेश ठाकुर की पुत्री हैं, ने अपनी अद्भुत कला प्रतिभा से ऐसा कमाल कर दिखाया कि जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी भी दंग रह गए।
निशा कुमारी ने पाकुड़ के उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के हुबहू चित्र अपने हाथों से तैयार कर उन्हें भेंट किए। ये चित्र केवल स्केच नहीं थे, बल्कि ऐसे जीवंत प्रतीत हो रहे थे मानो काग़ज़ पर ही ज़िंदगी उतर आई हो। एक पल के लिए देखने वाला यह फर्क ही नहीं कर पा रहा था कि सामने असली चेहरा है या कला की तस्वीर।
चित्र देखते ही डीसी और एसपी दोनों की आंखों में हैरानी साफ झलक उठी। अधिकारियों ने न सिर्फ निशा की कला की खुलकर प्रशंसा की, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। दोनों अधिकारियों ने निशा को आशीर्वाद दिया और कहा कि ऐसी प्रतिभाओं को हर संभव मंच और प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
निशा कुमारी ने बताया कि उन्हें बचपन से ही ड्रॉइंग और पेंटिंग का गहरा शौक रहा है। सीमित संसाधन, छोटे कस्बे की चुनौतियां और सुविधाओं की कमी—इन सबके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। काग़ज़, पेंसिल और रंग ही उनके सबसे बड़े साथी बने। घंटों अभ्यास, बार-बार कोशिश और आत्मविश्वास ने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया।
उनका सपना है कि वे अपनी कला के बल पर राज्य और देश स्तर पर पहचान बनाएं और लिट्टीपाड़ा का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन करें।
प्रेरणा बनीं निशा
स्थानीय लोगों का कहना है कि निशा कुमारी जैसी प्रतिभाएं क्षेत्र के युवाओं के लिए मिसाल हैं। उनका मानना है कि अगर जुनून सच्चा हो तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती। प्रशासनिक अधिकारियों से मिली सराहना के बाद निशा का आत्मविश्वास और भी बढ़ गया है।
अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही निशा की कला को बड़े मंच, प्रदर्शनी और राज्य स्तरीय आयोजनों में जगह मिलेगी। जिस तरह से उन्होंने जिले के डीसी और एसपी के चित्र बनाकर सबको चौंकाया है, उससे यह तय माना जा रहा है कि आने वाले समय में लिट्टीपाड़ा की यह बेटी कला की दुनिया में नया मुकाम हासिल करेगी।
✍️ लिट्टीपाड़ा की मिट्टी से निकली यह प्रतिभा आज पूरे पाकुड़ जिले की शान बन चुकी है।
निशा कुमारी ने साबित कर दिया है कि सपने अगर बड़े हों और मेहनत सच्ची हो, तो छोटी जगह से भी बड़ी पहचान बनाई जा सकती है।
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