कार्डियक अरेस्ट वाले लोगों की बचाई जा सकेगी जान, रांची रेलवे स्टेशन को भी जल्द दी जाएगी यह मशीन।
रांची । कार्डियेक अरेस्ट के बढ़ते मामलों को देखते हुए रोटरी क्लब ऑफ रांची ने इस दिशा में विशेष पहल की है। रोटरी क्लब ने रांची एयरपोर्ट को पर दो पोर्टेबल मशीनें ऑटोमैटेड डिफिब्रिलेटर उपलब्ध कराई है, जो कार्डियक अरेस्ट के समय व्यक्ति को लाइफ सपोर्ट देगी। एक मशीन ग्राउंड फ्लोर और दूसरी फर्स्ट फ्लोर पर रहेगी। दोनों ट्रॉली में इंस्टाल है, ताकि तुरंत उसे कहीं भी पहुंचाया जा सके। साथ ही एयरपोर्ट को अत्याधुनिक ईसीजी मशीन भी दी गई।
इस अवसर पर एयरपोर्ट डायरेक्टर राघवेंद्र मौर्या ने कहा किसी भी आकस्मिक आवश्यकता में ये मशीन कारगार होगी। मुझे खुशी है कि रोटरी ने ये पहल की है। इससे कई बेशकीमती जान बचेगी ।
डिस्ट्रिक्ट गवर्नर बिपिन चाचन ने कहा भविष्य में भी हम पैसेंजर की सुविधा के लिए एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन जी भीड़ भाड़ वाले इलाके में इस प्रकार के कार्य करते रहेंगे।
प्रोजेक्ट चेयरमैन डॉ विनय ढानढनिया ने कहा कार्डियक अटैक आने पर इस मशीन के माध्यम से तुरन्त इंसान में रिदम स्टार्ट कर सकते हैं। कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब अचानक दिल की धड़कनें रुक जाती हैं। ऐसे में हमारा दिल शरीर को खून पंप करना बंद कर देता है। इस कारण कुछ ही मिनटों में व्यक्ति बेहोश होकर सांस लेना बंद कर सकता है। इस कंडीशन में मरीज को तुरंत सीपीआर या डिफिब्रिलेटर से झटका न दिया जाए, तो उसकी मौत हो सकती है।
क्लब के अध्यक्ष गौरव बागरॉय ने कहा कि इस मशीन से किसी आकस्मिकता के वक्त मरीज की स्थिति को तुरंत समझकर उसे इलाज मुहैया कराया जा सकेगा। क्लब की सोच जनसेवा को लगातार आगे बढ़ाने की है।
एयरपोर्ट के डॉक्टर डॉ शोभा एवं डॉ आशीष मिश्रा ने कहा कि कार्डियक अरेस्ट मौत का सबसे बड़ा कारण बनकर उभर रहा है। ज्यादातर लोगों की जान सिर्फ इसलिए चली जाती है कि उन्हें समय पर सीपीआर नहीं मिल पाता है। ऐसी परिस्थिति में यह मशीन लोगों की जान बचाएगी।
क्लब के प्रवक्ता प्रवीण राजगढ़िया ने बताया कि बहुत जल्द इस प्रकार की मशीन रांची रेलवे स्टेशन पर भी लगाई जाएगी।
इस अवसर पर जीएम धनंजय तिवारी, जॉइंट जीएम अनिल कुमार कश्यप, डीजीएम एटीएम मनोज कुमार, ओएसडी अविनाश शुक्ला, मैनेजर सुहावन लकड़ा, असिस्टेन्ट मैनेजर राकेश यादव, स्टेशन मैनेजर कृष्णा यादव, प्रवीण राजगढ़िया, डिम्पी चड्ढा, शाहिद पॉल, पवन जयसवाल उपस्थित थे।
क्या है कार्डियक अरेस्ट।
साधरण शब्दों समझें तो कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब दिल का इलेक्ट्रिक सिस्टम फेल हो जाता है। दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है। इससे शरीर में खून और ऑक्सीजन का प्रवाह रुक जाता है। व्यक्ति कुछ ही मिनटों में बेहोश हो जाता है। उसकी मौत हो सकती है।ऐसे व्यक्ति को सीपीआर मिलने में हर एक मिनट की देरी मौत के खतरे को 10 प्रतिशत तक बढ़ाती जाती है। जबकि पांच मिनट के अंदर यदि उसे सीपीआर मिल जाये तो उसके बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इस स्थिति में एईडी (ऑटोमैटेड डिफिब्रिलेटर) मशीन मौजूद हो, तो उसका तुरंत उपयोग करना चाहिए।
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