पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पारा शिक्षक मुकरू देवगम की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या की खबर सामने आई। लगभग 20 वर्षों से बच्चों को पढ़ाते आ रहे 40 वर्षीय मुकरू देवगम को शुक्रवार को शिक्षा विभाग से सहायक आचार्य पद का नियुक्ति पत्र मिलने वाला था, लेकिन इस खुशी के पहले ही उनकी जिंदगी बेरहमी से खत्म कर दी गई।
मुकरू देवगम पुराना चाईबासा बारी पोखरिया गांव के रहने वाले थे और टोंटो प्रखंड के सुंडी सुरनिया गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पढ़ाते थे। शुक्रवार को स्कूल से छुट्टी के बाद वह स्थानीय हाट की ओर गए थे, लेकिन रात तक घर नहीं लौटे। शनिवार तड़के ग्रामीणों ने एक शव मिलने की सूचना दी। परिजन जब मौके पर पहुंचे, तो मुकरू देवगम खून से लथपथ मृत पड़े मिले।
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में साफ है कि हमलावरों ने भारी पत्थर से हमला कर उनकी हत्या की है। परिजनों का कहना है कि मुकरू का किसी से कोई विवाद नहीं था। वह नियमित रूप से स्कूल जाते और समय पर लौटते थे। उनकी एक 6 साल की बेटी है, जो इस अचानक हुई मौत से अनाथ जैसी स्थिति में पहुंच गई है। गांव में मातम और आक्रोश दोनों माहौल है।
टोंटो थाना प्रभारी सुकुमार हेम्ब्रम ने बताया कि हत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। मृतक के चचेरे भाई विरेंद्र देवगम के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का दावा है कि जांच तेजी से की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और कड़ी सजा की मांग की है। उनका कहना है कि नियुक्ति पत्र मिलने के ठीक पहले यह हत्या पूरे इलाके के लिए बेहद दुखद और असहनीय है। पुलिस ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और लोगों से सहयोग की अपील की है।
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