झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को दुसरी पाली में कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के बजट पर चर्चा हुई। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज और महिला किसानों के सशक्तिकरण हेतु तीन नई योजनाएं, जिनमें महिला किसान खुशहाली योजना शामिल है, उसकी घोषणा की। कुल 4884.20 करोड़ रुपये के इस बजट पर हटिया से भाजपा के विधायक नवीन जायसवाल ने कटौती प्रस्ताव लाया था। कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सदन से कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग का बजट पास हो गया। अनुदान मांग पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से उत्तर में विभागीय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सदन में यह घोषणा की कि राज्य सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक कोल्ड स्टोरेज खोलेगी ताकि किसान कच्चे माल का स्टोरेज कर सकें। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि विभाग के बजट में महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है। उनकी सरकार तीन नई योजनाएं शुरू करने जा रही है।
राज्य योजना के अंतर्गत महिला किसान खुशहाली योजना शुरू होगी, जिसका उद्देश्य महिला किसानों की आय सुरक्षा, उत्पादन क्षमता व आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आगामी बजट में 25 करोड़ रुपये का बजटीय प्रविधान प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा केंद्रीय योजनाओं के रूप में दलहन मिशन तथा मखाना विकास योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके माध्यम से राज्य में दलहन उत्पाद वृद्धि, पोषण सुरक्षा तथा मखाना जैसी उच्च मूल्य फसलों के विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सरकार के पास अभी चार साल है। सरकार ने जो वादा किया है, उसे पूरा करेगी। गत वर्ष के बजट पर कृषि मंत्री ने कहा कि उनके विभाग ने कुल बजट का 65 प्रतिशत खर्च किया है। केंद्रीय आवंटन के विरुद्ध 67 प्रतिशत राशि खर्च हो चुकी है। 31 मार्च तक उनका विभाग 80 से 90 प्रतिशत राशि खर्च कर देगा।
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गैर भाजपा शासित प्रदेशों में किसानों की एमएसपी अनुशंसा को नकार दिया है। भाजपा का दावा और जमीनी हकीकत हाथी के दांत की तरह है, जो खाने को कुछ और दिखाने को कुछ है। छत्तीसगढ़ में एमएसपी के अतिरिक्त 750 रुपये बोनस बढ़ाया। झारखंड को भी उसी नजरिये से देखना चाहिए। राज्य में कृषि उत्पादन की दिशा में बेहतर कार्य हो रहा है। राज्य सरकार किसानों के साथ है। आज राज्य में एक लाख हेक्टेयर में मोटे अनाज की खेती हो रही है। राज्य के पांच लाख किसानों को ऋण माफी योजना का लाभ मिल चुका है। करंज का झारखंड से निर्यात बहुत बड़ी सफलता है। दोगुना दूध उत्पादन और बेकन फैक्ट्री को पुनर्जीवित करने की पहल तेज हो गई है।
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