गिरिडीह के गांडेय में करीब आधा दर्जन गांव टापू बन गए हैं। मानसून की बारिश में एकमात्र पुलिया बह जाने से इन गांवों का संपर्क जिला और प्रखंड मुख्यालय से कट गया है। जोरासिमर और बुद्धूडीह के बीच नदी पर बनी अस्थायी पुलिय बह जाने से पुतरिया, पहरमा, तेतरिया और बलकूडीह सहित आसपास के कई गांवों का संपर्क कट गया है। लोगों को पंचायत सचिवालय, स्वास्थ्य उपकेंद्र, आदर्श उच्च विद्यालय और स्थानीय बाजार तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को नदी में उतरकर सफर करना पड़ता है, जो मानसून के समय काफी जोखिम भरा कदम है। यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
ग्रामीण जामुन मंडल, संजय मंडल, जागेश्वर मंडल, मोहन मंडल, भीम मंडल, पंकज मंडल, दीपक मंडल, दसिया देवी और तुलिया देवी ने बताया कि गांव के लोगों ने आपसी सहयोग से पाइप, मिट्टी और मोरम डालकर अस्थायी पुलिया तैयार की थी ताकि आवागमन सुचारू रह सके, लेकिन हाल की बारिश में यह पुलिया पूरी तरह बह गई। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात में यही समस्या होती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज और दैनिक जरूरतों के लिए आवागमन बाधित हो जाता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थायी पुल बनाने की मांग की है। इस संबंध में Followup से गांडेय की बीडीओ निशात अंजुम ने बताया कि उन्हें फिलहाल मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट मिलने के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
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