रांची पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हिंदपीढ़ी इलाके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से बड़ी संख्या में पिस्टल, कट्टे, रिवॉल्वर और कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई कोतवाली डीएसपी के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि हिंदपीढ़ी क्षेत्र में अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद एक विशेष योजना बनाई गई। कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय स्वयं सादे लिबास में ग्राहक बनकर हथियार तस्करों तक पहुंचे, जबकि पुलिस के अन्य अधिकारी और जवान आसपास पहले से सादे कपड़ों में तैनात थे।
शनिवार रात करीब 11.30 बजे डीएसपी बड़ी मस्जिद लेन पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात कबीर नामक युवक से हुई। बातचीत के दौरान पिस्टल को लेकर सौदेबाजी शुरू हुई। कबीर ने पिस्टल की कीमत 70 से 75 हजार रुपये बताई, लेकिन मोलभाव के बाद 42 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। जैसे ही सौदा पक्का हुआ, डीएसपी के संकेत पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कबीर को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान कबीर के पास से एक 9 एमएम पिस्टल, दो मैगजीन और 20 कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में उसने लंबे समय से अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल होने और विभिन्न अपराधियों को हथियार सप्लाई करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शाहनवाज आलम, मो. सैफ, अनुज ठाकुर और अंकित कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने 110 कारतूस, एक 9 एमएम पिस्टल, एक फैक्ट्री मेड पिस्टल, तीन कट्टे और लोहे का सिल्वर रंग का छह चक्रिय रिवॉल्वर बरामद किया है। पुलिस के अनुसार मो. कबीर, शाहनवाज आलम और अनुज ठाकुर का आपराधिक इतिहास भी रहा है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कबीर ने डीएसपी को हथियार की गुणवत्ता दिखाने के लिए अपने मोबाइल में पहले से रिकॉर्ड किया गया फायरिंग का वीडियो दिखाया था। वीडियो में खुले स्थान पर पिस्टल से फायरिंग करते हुए ठांय की आवाज और हथियार से निकलती आग स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इसके अलावा उसने मोबाइल में अन्य हथियारों के वीडियो और तस्वीरें भी दिखाईं, जिन्हें पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपित बिहार के मुंगेर जिले के अजमेर आलम से हथियार मंगाते थे। इसके अलावा कैमूर जिले से भी हथियार और कारतूस लाकर रांची में बेचने का नेटवर्क चलाया जा रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है और बिहार के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की तैयारी की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस उपाधीक्षक प्रकाश सोय, संजीव बेसरा सहित कई थानों के अधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
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