रांची: झारखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। त्योहार के मौसम में वेतन लंबित रहने से उनके सामने परिवार का खर्च चलाने और दशहरा मनाने की चिंता बढ़ गई है। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी लगातार आवाज उठा रहे हैं।
झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के अनुसार, 108 एंबुलेंस सेवा में कार्यरत कर्मचारियों का वेतन जुलाई 2026 से लंबित है। संघ ने इस मामले को लेकर राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को पत्र लिखकर बकाया वेतन का भुगतान कराने और कर्मचारियों की अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और जरूरतमंदों तक समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद समय पर वेतन नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार के समय बच्चों की जरूरतें, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जिम्मेदारियां पूरी करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए 15 से 20 दिनों का समय मांगा गया था। संघ का कहना है कि आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित किया गया, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि केवल आश्वासन से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। संघ चाहता है कि बकाया वेतन के भुगतान के साथ अन्य लंबित मांगों पर भी समयबद्ध निर्णय लिया जाए।
108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने बकाया वेतन के अलावा कथित मनमानी वेतन कटौती रोकने, सेवा से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली और श्रमिकों को वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। इनमें न्यूनतम वेतन, ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम का भुगतान और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। संघ ने 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन सरकारी स्तर पर कराने और कर्मचारियों के वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।
Leave a comment