
पाकुड़। जिले में कथित लॉटरी कारोबार को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हैं। लॉटरी की पर्ची भले छोटी हो, लेकिन इसके पीछे कथित तौर पर लाखों रुपये के लेन-देन की बातें सामने आ रही हैं। कहीं 8 लाख, कहीं 2 लाख, 1.70 लाख तो कहीं 1 लाख रुपये तक की कथित मंथली की चर्चा है। दावा यह भी किया जा रहा है कि जिले में प्रतिदिन 50 लाख रुपये से अधिक का कथित कारोबार हो रहा है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शमीम के घर कथित छपाई, सप्लाई को लेकर भी सवाल
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मनीरामपुर निवासी शमीम शेख का नाम कथित लॉटरी नेटवर्क में प्रमुखता से लिया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि लॉटरी पर्चियों की कथित छपाई शमीम के घर पर होती है। वहीं, एक लाख अंसारी के जरिए पर्चियों की कथित सप्लाई किए जाने की चर्चा है।
इसके अलावा बसीर शेख, रिबोन, फिटू और दुलाल के नाम भी कथित नेटवर्क से जोड़े जा रहे हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित लोगों का पक्ष भी सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

लाखों की मंथली की चर्चा, जांच की मांग
कथित लॉटरी कारोबार में लाखों रुपये की मंथली की चर्चाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि ये चर्चाएं सही हैं तो इतना बड़ा कथित आर्थिक नेटवर्क बिना निगरानी के कैसे चल रहा है? वहीं यदि आरोप गलत हैं तो निष्पक्ष जांच के जरिए स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित लॉटरी का खेल धीरे-धीरे मकड़जाल की तरह फैलता जा रहा है। इसका असर गरीब और दिहाड़ी मजदूर परिवारों पर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

जनता पूछ रही—आखिर कब रुकेगा खेल?
अब लोगों की नजर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर है। सवाल उठ रहा है कि शमीम शेख के घर कथित छपाई, एक लाख अंसारी पर कथित सप्लाई और अन्य लोगों के नाम सामने आने की चर्चाओं की जांच कब होगी? लाखों की कथित मंथली और रोजाना 50 लाख रुपये से अधिक के कारोबार के दावे में कितनी सच्चाई है?
सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर कब रुकेगा कथित लॉटरी का यह खेल और कब सामने आएगा पूरे नेटवर्क का सच?
पाकुड़ ब्यूरो जितेन्द्र यादव की रिपोर्ट
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