रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
गत् 31 अगस्त 2026 को रिट याचिका नं – WPC 4048/2017 के तहत मा झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के आलोक में आज दिनांक : 20/09/2026 को हेसला पंचायत भवन में हेसला के रैयतों के नेता प्रदीप महतो के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रुप से कांग्रेस के प्रदेश महासचिव शांतनु मिश्रा और विस्थापित – प्रभावित संघर्ष मोर्चा के कुमेल उरांव एवं आदित्य नारायण प्रसाद शामिल हुए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मा झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय को प्रदीप महतो ने उपस्थित सभी लोगों को बताते हुए कहा कि वर्षों की संघर्ष की जीत हुई। न्यायालय के फैसले के आधार पर स्पष्ट हो गया कि किस प्रकार यहां के रैयतों की जमीन को पूर्व की बिहार सरकार द्वारा PTPS के लिए बिना अधिग्रहण के जबरन कब्जा कर लिया गया और कई लोगों को पलायन करने के लिए मजबूर कर दिया गया।

1960-61 में PTPS के स्थापना के लिए भोले-भाले आदिवासी – मुलवासी ग्रामीणों को अपनी जमीन से बेदखल कर दर दर भटकने के लिए मजबूर कर दिया गया और उसी को आधार बनाकर हेसला गांव की भूमि को आंख मुंदकर झारखण्ड सरकार जियाडा को हस्तान्तरित कर दिया। और विगत दिनों पुलिस प्रशासन के द्वारा बंन्दुक के नोक पर ग्रामीणों के घर जमीन पर बुलडोजर चलाने का काम किया। जबकि बार बार ग्रामीणों ने बिना अधिग्रहण के जमीन कब्जा करने के खिलाफ मा उच्च न्यायालय में दायर उक्त केश का हवाला देकर अपनी बात को प्रशासन के समक्ष रखा। फिर भी इनकी एक नहीं सुनी गई।
आज मा उच्च न्यायालय के निर्णय से वर्षों बाद सच की जीत हुई और रैयतों को इंसाफ़ मिला। न्यायालय के निर्णय से स्पष्ट हुआ कि हेसला मौजा की सिर्फ 12.59 एकड़ जमीन का ही अधिग्रहण हुआ था, बाकी जमीन यहां के मूल रैयतों का है।
उपस्थित सभी लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर इस अहम जीत पर जश्न मनाया।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में विशेष रुप से उपस्थित शांतनु मिश्रा ने कहा कि पुरे झारखण्ड में उद्योगों के स्थापना में रैयतों के साथ अत्याचार हुआ है। हेसला के ग्रामीणों के केश में मा उच्च न्यायालय का निर्णय इस बात को प्रमाणित कर दिया.

वि प्र सं मोर्चा के आदित्य नारायण प्रसाद एवं कुमेल उरांव ने कहा कि PTPS के स्थापना में सभी 25 गांवों के हजारों किसानों रैयतों की जमीन का अधिग्रहण इसी प्रकार किया गया। कहीं वगैर अधिग्रहण के ही जमीन से लोगों को बेदखल कर दिया गया। कहीं औने पौने दर पर जबरन अधिग्रहण कर लिया गया उसमे भी सैंकड़ो रैयतों को आज तक मुआवजा नहीं मिला है लेकिन जमीन में पूर्व PTPS कब्जा कर लिया और आज उसे PVUNL(NTPC) तथा जियाडा और डैम की 12 गांव की जमीन पर्यटन विभाग को हस्ताँतरित कर दिया गया। कहा कि झारखण्ड सरकार इसका विशेष जाँच कराकर रैयतों को इंसाफ़ दे, अन्यथा मोर्चा इसे लेकर व्यापक आंदोलन करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुखिया प्रतिनिधि बीरेंद्र झा, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुन्ना पासवान, प्रवक्ता रमेश यादव, शंकर मुंडा, यशवंत सागर आदि सैंकड़ो
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