नई दिल्ली। त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार की सख्ती का असर बाजार में दिखाई देने लगा है। जमाखोरी और कृत्रिम कमी पर रोक लगाने की कोशिशों के बीच चीनी के मिल दाम में 18 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि कुछ बाजारों में चीनी का मिल भाव पहले करीब 67 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। सरकार की निगरानी और बाजार में आपूर्ति बेहतर होने के बाद कीमतों में गिरावट आई है।
सरकार की ओर से चीनी के स्टॉक और बाजार में उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने पर भी कीमतों में अनावश्यक तेजी को रोकना है।
व्यापारियों और मिलों के स्टॉक पर निगरानी बढ़ाए जाने से बाजार में आपूर्ति को लेकर स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। इससे उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है।
हालांकि, चीनी की कीमत अलग-अलग शहरों और बाजारों में अलग हो सकती है। खुदरा कीमत पर परिवहन, स्थानीय मांग और अन्य खर्चों का भी असर पड़ता है।
त्योहारों से पहले चीनी की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार की कोशिश है कि बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे और जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण हो।
फिलहाल चीनी के मिल दाम में गिरावट से बाजार में राहत के संकेत हैं। आने वाले दिनों में कीमतों का रुख आपूर्ति और मांग की स्थिति पर निर्भर करेगा।
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