रांची। सोन नदी से जुड़े समझौते को लेकर झारखंड में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विधायक सरयू राय ने समझौते पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इससे झारखंड को एक लोटा भी अतिरिक्त पानी नहीं मिलेगा।
सरयू राय ने कहा कि सोन नदी के पानी के बंटवारे से जुड़े प्रावधानों को समझने की जरूरत है। उनका आरोप है कि समझौते से झारखंड के हिस्से में अतिरिक्त जल उपलब्ध होने की उम्मीद करना सही नहीं है।
उन्होंने सरकार से समझौते की शर्तों और झारखंड को होने वाले वास्तविक लाभ को सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही जल संसाधनों से जुड़े फैसलों में राज्य के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही।
सोन नदी और उसके जल बंटवारे को लेकर झारखंड में पहले भी राजनीतिक चर्चा होती रही है। ऐसे में सरयू राय के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
वहीं, समझौते को लेकर सरकार और अन्य राजनीतिक दलों का पक्ष भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। झारखंड को वास्तव में कितना पानी मिलेगा और इससे राज्य को क्या लाभ होगा, यह समझौते के प्रावधानों और आधिकारिक आंकड़ों से ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल सोन समझौते को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और झारखंड के जल अधिकारों को लेकर बहस जारी है।
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