[स्थान]। महज 300 रुपये की रिश्वत से जुड़े मामले में करीब 33 साल तक मुकदमा चला। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने आरोपी को एक महीने की सजा सुनाई है।
मामला वर्ष 1990 के दशक का बताया जा रहा है। आरोप था कि आरोपी ने सरकारी काम कराने के एवज में 300 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद संबंधित एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों को अदालत के सामने पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
करीब तीन दशक से अधिक समय तक चले इस मुकदमे में आखिरकार अदालत का फैसला सामने आया। आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक महीने की सजा दी गई।
इस मामले ने न्यायिक प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है। महज 300 रुपये की रिश्वत से शुरू हुआ मामला तीन दशक से ज्यादा समय तक अदालत में चलता रहा।
फिलहाल अदालत के फैसले के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने की दिशा में आगे कार्रवाई की जा रही है।
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